प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात कर यूक्रेन में अब भी फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों पक्षों ने भारतीयों की सुरक्षित निकासी पर सहमति जताई। बातचीत के दौरान पीएम ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रही वार्ता का स्वागत किया और आशा जताई कि सीधी बातचीत से ही संघर्ष समाप्त होगा।
बाद में रूस ने सुमी समेत कीव, खारकीव और मैरियूपोल शहरों से नागरिकों को निकालने के लिए छह सुरक्षित गलियारे खोलने का प्रस्ताव देते हुए इन शहरों में हमले रोकने की घोषणा की, मगर यूक्रेन ने यह कहते हुए इस घोषणा को खारिज कर दिया कि नागरिकों को सिर्फ रूस या बेलारूस जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इसके कारण नागरिकों की निकासी शुरू नहीं हो पाई। सुमी में अब भी करीब 700 भारतीय छात्र फंसे हैं।
मोदी ने पहले जेलेंस्की से 35 मिनट और बाद में पुतिन से 50 मिनट तक चर्चा की। वार्ता की जानकारी देते हुए रूसी संवाद एजेंसी तास ने कहा कि पुतिन ने मोदी को आश्वस्त किया कि सुमी से भारतीयों को निकालने के लिए उनकी सेना हरसंभव मदद देगी। वहीं, जेलेंस्की ने वार्ता की जानकारी देते हुए ट्वीट किया, मैंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूसी हमले के खिलाफ यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई की जानकारी दी। भारत ने अपने नागरिकों को दी गई सहायता और उच्च स्तर पर यूक्रेन के शांतिवार्ता प्रयासों की सराहना की। यूक्रेनी लोगों के लिए उनके समर्थन का शुक्रगुजार हूं।
रूस ने दिया छह गलियारे खोलने के साथ युद्ध विराम का प्रस्ताव, यूक्रेन बोला अनैतिक
रूस ने छह गलियारे के अलावा कीव से विमानों के जरिये भी लोगों को निकालने का प्रस्ताव यूक्रेन के सामने रखा और कीव, खारकीव, मैरियूपोल, सुमी में संघर्ष रोकने की घोषणा की। इस प्रस्ताव के अनुसार, कीव से निकलने वाला गलियारा बेलारूस की ओर जबकि खारकीव का गलियारा रूस की ओर जाने की बात कही गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रवक्ता ने रूस के प्रस्ताव को अनैतिक करार देते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, रूस लोगों के कष्ट का इस्तेमाल टीवी की तस्वीरों के लिए करना चाहता है। यूक्रेनी लोगों को युद्धग्रस्त शहरों से निकलकर यूक्रेन में कहीं भी जाने का अधिकार है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि रूस और सभ्य जगत को धोखा देने का यूक्रेन का प्रयास इस बार काम नहीं करेगा। यूक्रेन की सेना ने कहा है कि पिछले कई दिनों से कीव की ओर धीमी गति से बढ़ रहे रूस ने सोमवार को हमला तेज करने के लिए अपने संसाधनों को एकजुट करना शुरू कर दिया है।
तीसरे दौर की वार्ता
युद्धरत देशों के बीच वार्ता का तीसरा दौर बेलारूस में हुआ। यूक्रेन के वार्ताकार मिखाइलो पोदोल्याक ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। हालांकि वार्ता के विषयों की जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले के दो दौर की वार्ता बेनतीजा ही समाप्त हुई थी। दूसरे दौर में नागरिकों को निकालने के लिए मानव गलियारा बनाने पर सहमति बनी, लेकिन अबतक इसपर अमल नहीं हो पाया है।
रूस के खिलाफ आईसीजे में सुनवाई
यूक्रेन ने सोमवार को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस से आग्रह किया कि रूस को यूक्रेन में हमले रोकने का आदेश दिया जाए। आईसीजे की कार्रवाई में रूस शामिल नहीं हुआ। बाद में रूस ने बयान जारी कर इस कार्यवाही की आलोचना की। आईसीजे के किसी आदेश से यथास्थिति पर फर्क नहीं पड़ना है क्योंकि ये आदेश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिये लागू किया जाता है जहां रूस के पास वीटो पावर है।
अब तक 406 नागरिकों की मौत
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने दावा किया है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में अबतक 406 नागरिकों की मौत हुई है जबकि 801 घायल हैं। वैश्विक संस्था ने सिर्फ उन्हीं मौतों को इस डाटा में शामिल किया है जिसकी उसके स्रोतों ने पुष्टि कर दी है।