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Maharashtra: 1600 की आबादी वाले गांव में 15570 लोगों के बने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र; भाजपा ने जांच की मांग की

Thu, 05 Feb 2026 10:54 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नांदेड़ (महाराष्ट्र)

सार

Maharashtra: नांदेड़ जिले के सावलश्वर गांव में 1,666 लोगों की आबादी है। लेकिन 2025 में सीआरएस पोर्टल पर 15,570 जन्म-मृत्यु प्रविष्टियां दर्ज की गईं। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इसे घोटाला बताते हुए जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला, पढ़ें रिपोर्ट-
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किरीट सोमैया - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 1600 की आबादी वाले एक गांव में पिछले साल केंद्रीय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) पोर्टल पर 15 हजार से अधिक जन्म और मृत्यु की प्रविष्टियां दर्ज की गईं। यह मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया सहित कई नेताओं ने गहन जांच की मांग की है।
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क्या है पूरा मामला?
कंधार तहसील के सावलश्वर गांव में 2025 में पुरानी घटना जोड़ने (एड ओल्ड इवेंट) की श्रेणी के तहत 15,570 विलंबित जन्म और मृत्यु पंजीकरण दर्ज किए गए, जबकि 2011 की जनगणना के अनुसार गांव की आबादी 1,666 है। गांव की ग्राम सेविका भावना कवले ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, मैंने केवल एक जन्म पंजीकरण किया है, वह भी तहसीलदार के आदेश पर। बाकी सभी प्रविष्टियां संदिग्ध लगती हैं। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज की जा रही है और जांच जारी है।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने क्या कहा?
  • दोपहर में नांदेड़ पहुंचे भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कि यह एक 'नया घोटाला' है और संभव है कि वेबसाइट को हैक किया गया हो।
  • उन्होंने कहा कि ऐसा ही फर्जीवाड़ा उत्तर प्रदेश में छह जगहों और महाराष्ट्र में चार जगहों पर सामने आ चुका है।
  • सोमैया ने कहा कि छह महीने के भीतर छह हजार से 25 हजार तक प्रमाण पत्र जारी किए गए, जो स्थानीय आबादी से कहीं ज्यादा हैं। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार के किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता हो सकती है। इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए।
  • भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने नांदेड़ के जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कंधार के खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ऐसे सभी मामलों की विस्तृत जांच की मांग की है।
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अधिकारियों ने बताया कि यवतमाल जिले के सेंदूर, सानी और भवानी गांवों तथा जलगांव जिले के रताले गांव से भी ऐसे ही संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे किसी बड़े नेटवर्क की आशंका बढ़ गई है।
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