महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों महा विकास अघाड़ी के भविष्य को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के नेता जहां एमवीए के बरकरार रहने की बात कह रहे हैं, वहीं, शरद पवार के बयानों को देखें तो कहा जा सकता है कि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस के इस गठबंधन को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने राज्य में पार्ची के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा विरोधी दलों (एमवीए) का गठबंधन भंग होने की स्थिति में कांग्रेस ने अपना प्लान 'बी' बना रखा है।
एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान राज्य कांग्रेस प्रमुख ने यह दावा किया। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि वे एमवीए के सभी दलों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम महाविकास अघाड़ी के रूप में एक साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन अगर महाविकास अघाड़ी में दरार आती है तो हमने योजना बना रखी है।
सीएम कैंडिडेट को लेकर चर्चा का ठीक समय नहीं
साक्षात्कार के दौरान यह पूछे जाने पर कि एमवीए के घटकों में से किस पार्टी को महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिलेगा? इस पर पटोले ने कहा कि सीएम कैंडिडेट को लेकर इस तरह की चर्चा करने के लिए यह सही समय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पहलू पर चर्चा की अभी कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अभी कोई चुनाव निर्धारित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि लेकिन कांग्रेस लोगों से जुड़े मुद्दों पर हर दिन लड़ रही है।"
अजित पवार को लेकर चल रही अटकलों के विषय में भी राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता तय करती है कि मुख्यमंत्री कौन बने। ऐसे में इस पर चर्चा करना उचित नहीं है। जब चुनाव का एलान होगा तो इस पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के रूप में यह तय करना सरल है। मुख्यमंत्री उस पार्टी से होता है जिसके पास सबसे अधिक विधायक होते हैं।
पवार के बयान के बाद नाना पटोले के बयान ने मचाई महाराष्ट्र में हलचल
राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार के बयान, 'भविष्य में एमवीए रहेगा या नहीं, यह अभी कहना मुश्किल है' के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। महाविकास अघाड़ी में दरार की अटकलें लगने लगी हैं। भाजपा इस मौके का फायदा उठाने की कोशिशों में है। इस बीच, राज्य कांग्रेस प्रमुख के ताजा बयान से इन अटकलों को और हवा मिल गई है। महाराष्ट्र में राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अजीत पवार सत्तारूढ़ भाजपा के साथ हाथ मिलाने के लिए एनसीपी को एमवीए गठबंधन से तोड़ सकते हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने जोर देकर कहा है कि वह जीवित रहने तक एनसीपी के साथ रहेंगे