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RRTS Rapidx Train: देश की पहली रैपिड ट्रेन में क्या सुविधा मिलेगी, किराया कितना होगा? जानें हर सवाल का जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 20 Oct 2023 09:17 AM IST

सार

Namo Bharat Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साहिबाबाद से देश की पहली रैपिड ट्रेन के कॉरिडोर का उद्घाटन किया। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता खंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद से शुरू हो गया।
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रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA

दिल्ली से मेरठ से बीच यात्रा करने वाले मुसाफिरों का सफर आसान होने जा रहा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (20 अक्तूबर) को भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का उद्घाटन किया। पीएम ने आरआरटीएस गलियारे के तहत चलने वाली पहली रैपिड रेल को हरी झंडी दिखाई। वंदे भारत की तर्ज पर इसे नमो भारत ट्रेन नाम दिया गया है। 

आइये जानते हैं कि जिस रैपिड रेल प्रोजेक्ट का उद्घाटन होना है वह क्या है? इस परियोजना के कितने चरण हैं? दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रेपिड रेल के क्या बदलेगा? आखिर क्या होती है रैपिड रेल? इसमें क्या खास सुविधाएं होती हैं? आइये समझते हैं...

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रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
दिल्ली से मेरठ से बीच यात्रा करने वाले मुसाफिरों का सफर आसान होने जा रहा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (20 अक्तूबर) को भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का उद्घाटन किया। पीएम ने आरआरटीएस गलियारे के तहत चलने वाली पहली रैपिड रेल को हरी झंडी दिखाई। वंदे भारत की तर्ज पर इसे नमो भारत ट्रेन नाम दिया गया है। 

आइये जानते हैं कि जिस रैपिड रेल प्रोजेक्ट का उद्घाटन होना है वह क्या है? इस परियोजना के कितने चरण हैं? दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रेपिड रेल के क्या बदलेगा? आखिर क्या होती है रैपिड रेल? इसमें क्या खास सुविधाएं होती हैं? आइये समझते हैं...

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
जिस रैपिड रेल प्रोजेक्ट का उद्घाटन होना है वह क्या है?
देश की पहली रैपिडएक्स ट्रेन के कॉरिडोर का उद्घाटन 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहिबाबाद से किया। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता खंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद से शुरू हो गया।

उद्घाटन से पहले रैपिड रेल का ट्रायल भी हुआ। रैपिड रेल ने 152 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की स्पीड का आंकड़ा हासिल किया। 

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
इस परियोजना के कितने चरण हैं?
रैपिड रेल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) प्रोजेक्ट के तहत चलाया जाना है। दरअसल, एनसीआरटीसी भारत सरकार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों की संयुक्त क्षेत्र की कंपनी है। इसका काम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कार्यान्वयन है, ताकि इन क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क और पहुंच के माध्यम से संतुलित और टिकाऊ शहरी विकास संभव हो सके।

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
रैपिड रेल की जरूरत क्यों हुई?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली को कनेक्ट करने के लिए एक एकीकृत कम्यूटर रेल नेटवर्क का विचार भारतीय रेल के अध्ययन कमीशन में 1998-99 में प्रस्ताव रखा गया था। अध्ययन ने एक आरआरटीएस नेटवर्क जो कि ऐसी एक फास्ट लोकल ट्रेनों का उपयोग करके कनेक्टिविटी प्रदान करेगा इस संभावना की पहचान की थी। बाद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहरों को आठ RRTS कॉरिडर से कनेक्ट करने के लिए उच्च गति रेल पारगमन सेवाओं की सिफारिश की। 

इस तरह से NCRTC का गठन किया गया जो कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को स्थापित करने की नोडल संस्था बना। एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट पर काम जून 2019 में शुरू हुआ। इसके चार साल के भीतर ही एनसीआरटीसी रैपिडेक्स सेवाओं का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार है। एनसीआरटीसी की टीम ने परियोजना के बाकी हिस्से में भी तेजी से प्रोसेस की है। यह जून 2025 में निर्धारित समयसीमा के भीतर मेरठ में मेट्रो सेवाओं के साथ-साथ पूरे कॉरिडोर को परिचालित कर सकती है।

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
इन पांच रूट्स पर चलेगी ट्रेन
इस कॉरिडोर का प्लान रैपिड एक्स प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की होगी। पहले खंड में रैपिड रेल साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच चलेगी। ये रूट 17 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर पांच स्टेशन होंगे। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं।

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
क्या होंगी रैपिड रेल की सुविधाएं?
NCRTC का दावा है कि भारत का पहला ऐसा ट्रेन सिस्टम होगा, जिसमें ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यात्री मोबाइल और कार्ड के माध्यम से भी टिकट खरीद सकेंगे। रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया गया है। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है, तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए अलग सीट तैयार की गई है।

इस ट्रेन की सीटें बेहद आरामदायक बनाए गए हैं। ट्रेन में एडजेस्टेबल चेयर है, इसके साथ ही खड़े होने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन में वाईफाई की सुविधा, मोबाइल-यूएसबी चार्जर भी होंगे।

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
क्या होगा रैपिड रेल का किराया?
डीपीआर के अनुमान के मुताबिक, ट्रेन में किराया करीब दो से तीन रुपये प्रति किमी होगा। दिल्ली मेट्रो की सात लाइनों पर रैपिड लाइन की कनेक्टिविटी होगी। इसे मुनिरका, आईएनए और एरोसिटी से जोड़ा जाएगा। आरआरटीएस प्रोजेक्ट के मुताबिक पूरे कॉरिडोर के साथ 24 स्टेशन बनाए जाएंगे। एजेंसी का अनुमान है कि प्रोजेक्ट 2025 में पूरा हो जाएगा, तो रोज आठ लाख यात्री इससे सफर कर सकेंगे। 

रैपिड ट्रेन - फोटो : AMAR UJALA
30 रैपिड ट्रेनें चलाने की तैयारी
दिल्ली से मेरठ पहुंचने में एक घंटे का वक्त लगेगा। दिल्ली से मेरठ के बीच पूरे रूट के निर्माण के बाद कुल 30 रैपिड ट्रेनों को चलाने की तैयारी है। गाजियाबाद के दुहाई यार्ड में रैपिड रेल कॉरिडोर का ऑपरेशन एंड कमांड कंट्रोल सेंटर तैयार किया जा रहा है।

रैपिड रेल - फोटो : AMAR UJALA
कितना आसान होगा सफर?
आरआरटीएस नेटवर्क क्षेत्र के यात्रियों को 160 किलोमीटर की तेज गति पर हर 5-10 मिनट के बाद त्वरित और विश्वस्तरीय आवागमन सुविधा प्रदान करेगा। बिना रुके यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे 100 किलोमीटर की दूरी 45-50 मिनट के भीतर ही तय की जा सकेगी। 

रैपिड रेल - फोटो : AMAR UJALA
यात्रियों की जरूरतों पर ध्यान 
इस नेटवर्क पर हर किस्म के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस बात को भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वे सुविधापूर्वक अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस नेटवर्क को भारतीय रेलवे, अंतरराज्यीय बस अड्डों, हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो के साथ निर्बाध रूप से समायोजित किया जाएगा, ताकि यात्री बिना किसी बाधा के एक माध्यम से दूसरे मे जा सके।
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