क्या मोदी मंत्रिमंडल के एक ही मंत्रालय के सीनियर और जूनियर मंत्री के बीच शीत युद्ध चरम पर है। सोमवार को अल्पसंख्यक मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाने के नाम पर जो कुछ हुआ, उससे तो यही लगता है। कैबिनेट मंत्री नजमा हेपतुल्ला और राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक ही दिन और करीब-करीब एक ही समय पर अलग-अलग प्रेस कांफ्रेंस कर अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाईं। दोनों ने एक ही तरह की उपलब्धियां गिनाते हुए अल्पसंख्यकों की स्थिति में आए बदलाव का श्रेय भी लिया। खास बात यह है कि नजमा ने नकवी की प्रेस कांफ्रेंस से अनभिज्ञता जाहिर की, वहीं नकवी ने कहा कि उन्हें पार्टी ने उपलब्धियां गिनाने की जिम्मेदारी दी है।
अब तक आधा दर्जन मंत्रालयों ने मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाई हैं। यह पहला मौका है जब मंत्रालय के केंद्रीय और राज्य मंत्री ने एक ही दिन, लेकिन अलग-अलग जगहों पर उपलब्धियां गिनाई हैं। सोमवार को नजमा की प्रेस कांफ्रेंस शास्त्री भवन में 11.30 बजे शुरू हुई, तो नकवी की पार्टी मुख्यालय में करीब 12 बजे। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने मंत्रालय की एक ही जैसी उपलब्धियां गिनाईं। दोनों ने विपक्ष पर अल्पसंख्यकों के मन में खौफ पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि बीते दो साल मुसलमानों के लिए विश्वास और विकास के साल रहे हैं। दोनों ने इस समुदाय को तरक्की, शिक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर आगे बढ़ाने का भी दावा किया। इसके अलावा बेहतर वातावरण और अवसर मुहैया कराने के कारण बड़ी संख्या में अल्पसंख्यकों के संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सफल होने और सांप्रदायिक हिंसा में कमी का दावा किया।
इस दौरान जब नजमा से पूछा गया कि उनके राज्य मंत्री नकवी क्यों नहीं हैं और क्या वह अलग से प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं तो उनका जवाब था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे ही सवाल के जवाब में नकवी ने कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से यह जिम्मेदारी दी गई है।