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नगरोटा मुठभेड़: आतंकियों को पाक में मिली थी कमांडो ट्रेनिंग, अंधेरी रात में 30 किमी पैदल चल भारत में घुसे थे

Sun, 22 Nov 2020 09:26 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नगरोटा मुठभेड़ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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19 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा के बन टोल प्लाजा के समीप हुई मुठभेड़ में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चारों आतंकियों को पाकिस्तान में कमांडो ट्रेनिंग दी गई थी। चारों अंधेरी रात में 30 किलोमीटर पैदल चलते हुए भारतीय सीमा में घुसे थे। 

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पठानकोट हमले के मुख्य आरोपी कासिम की थी भागीदारी
नगरोटा मुठभेड़ की विस्तृत जांच में पता चला है कि जैश के इस खतरनाक मंसूबे में जेईएम के ऑपरेशनल कमांडर कासिम जान की भी भागीदारी थी। कासिम जान 2016 में हुए पठानकोट हमले का मुख्य आरोपी है। जान जैश आतंकवादियों के भारत में मुख्य लॉन्च कमांडरों में से एक है और पूरे दक्षिण कश्मीर में भूमिगत आतंकियों के साथ उसके संबंध हैं। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी समूह के प्रमुख मुफ्ती रऊफ असगर को सीधे रिपोर्ट करता है। 



कुछ इस तरह भारत पहुंचे थे आतंकी
ग्लोबल पोजिशनिंग सेट (जीपीएस), वायरलेस हैंडहेल्ड सेट और शवों से प्राप्त रिसीवर से निकाले गए डाटा से पता चलता है कि चारों जैश हमलावरों को कमांडो युद्ध में प्रशिक्षित किया गया था। ये आतंकी  पाकिस्तान के शकरगढ़ में जैश शिविर से लगभग 30 किमी तक पैदल चले और फिर सांबा से भारतीय सीमा में घुसे थे।  
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इसके बाद जटवाल स्थित पिकअप प्वाइंट तक पहुंचे। यह इलाका सांबा से कठुआ तक छह किलोमीटर का है। इसका मतलब यह है कि हमलावर अंधेरी रात में पिक-अप प्वाइंट तक पहुंचे और फिर जम्मू-कश्मीर की तरफ बढ़ गए। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय सीमा से पिक-अप प्वाइंट लगभग 8.7 किमी की हवाई दूरी पर है और जैश का शकरगढ़ शिविर जाटवाल से 30 किमी दूर है। संभावित घुसपैठ मार्ग सांबा सेक्टर में मावा गांव के पास था, जो रामगढ़ और हीरानगर सेक्टर के बीच है। नानाथ नाले के पास कई कच्चे ट्रैक हैं, जो पिक-अप प्लाइंट से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा, यह अनुमान है कि आतंकवादियों ने विभिन्न मार्गों से ढाई से तीन घंटे पैदल चलकर यह दूरी तय की।

रात ढाई से तीन के बीच ट्रक में सवार हुए
इस बात के सबूत हैं कि वे रात में 2.30 से 3 बजे के बीच एक ट्रक (JK01AL 1055) पर सवार हुए थे और उन्हें 3.44 बजे जम्मू की ओर सरोर टोल प्लाजा पार करते हुए देखा गया था। इसके बाद ट्रक नरवाल बाइपास होते हुए कश्मीर की तरफ बढ़े। लगभग 4.45 बजे सुरक्षा बलों ने ट्रक को बन टोल प्लाजा के पास पकड़ा।


बड़ी संख्या में आतंकी कर सकते हैं घुसपैठ
भारतीय आतंकवाद रोधी अधिकारियों के अनुसार, अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी और तालिबान के पुनरुत्थान के साथ, इसका देवबंदी वैचारिक भाई जैश जम्मू-कश्मीर सीमा पर हाइपरएक्टिव हो गया है। जैश के 14 के करीब विशेष रूप से प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने के लिए पाकिस्तान के गुजरांवाला में इंतजार कर रहे हैं।

एक अन्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, अलग-अलग तंजीमों के लगभग 200 आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बने लॉन्च पैड पर इंतजार कर रहे हैं। 

अल-बद्र और लश्कर-ए-मुस्तफा फिर हुए खड़े
उन्होंने बताया कि हमें अल-बद्र समूह और लश्कर-ए-मुस्तफा नाम के एक अन्य आतंकवादी समूह के फिर से खड़ा होने की जानकारी मिल रही है। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि लश्कर-ए-मुस्तफा का प्रमुख हिदायतुल्लाह मलिक है। वहीं, खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा (एलईटी) के 23 आतंकी खैबर-पख्तूनख्वा के जंगल-मंगल कैंप में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन आतंकियों के घुसपैठ करने की जानकारी मिल रही है। 

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