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रोचक हुआ नगांव उपचुनाव: असम में पूर्व बीडीओ देंगी पूर्व डीसी को चुनौती, कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को उतारा

Tue, 15 Sep 2026 08:19 AM IST
एन अर्जुन एजेंसी, वाशिंगटन।

सार

असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए छह अक्तूबर को मतदान होगा और नौ अक्तूबर को मतगणना होगी। पूर्वोत्तर भारत के सियासी चौसर पर ये मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं।
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असम में लोकसभा सीट पर उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब रोचक मुकाबले में बदल गया है। कांग्रेस ने पूर्व बीडीओ रहीं और पूर्व बटद्रवा विधायक सिबामोनी बोरा को अपना प्रत्याशी बनाया है। उनके सामने भाजपा ने नगांव के पूर्व उपायुक्त (डीसी) और पूर्व आईएएस अधिकारी देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि प्रशासनिक सेवा से जुड़ी रही है। ऐसे में चुनावी मुकाबले में उनके प्रशासनिक अनुभव की भी चर्चा है।

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सिबामोनी बोरा ने 2021 के असम विधानसभा चुनाव में बटद्रवा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनावी राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने तत्कालीन भाजपा विधायक और अभिनेत्री से नेता बनीं अंगूरलता डेका को 32,820 वोट से हराया था। बोरा को 84,278 वोट मिले थे और उन्होंने करीब 60 फीसदी मत हासिल किए थे। इस जीत के बाद वह असम विधानसभा की 15वीं विधानसभा की सदस्य बनीं।
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राजनीतिक परिवार से भी जुड़ा नाता
पूर्व बीडीओ रहीं बोरा का संबंध असम के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से है। उनके पिता किरण बोरा बटद्रवा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं, उनके ससुर गोलाप बोरबोरा असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री रहे हैं। सरकारी सेवा से राजनीति में आईं बोरा ने 2021 में अपनी पहली चुनावी जीत दर्ज कर अलग पहचान बनाई।
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हालांकि, 2023 के परिसीमन के बाद बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र समाप्त कर दिया गया। इसके क्षेत्र को नगांव-बटद्रवा विधानसभा सीट में शामिल किया गया। अब कांग्रेस ने बोरा को लोकसभा उपचुनाव में उतारकर उन्हें एक बार फिर नगांव क्षेत्र में बड़ी चुनावी भूमिका दी है।

नगांव के पूर्व डीसी रह चुके हैं शर्मा
भाजपा प्रत्याशी देवाशीष शर्मा नगांव के उपायुक्त रह चुके हैं। उन्होंने इसी महीने भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में प्रवेश किया। नगांव में बतौर डीसी उनका कार्यकाल उन्हें स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र से परिचित चेहरा बनाता है। भाजपा ने इसी अनुभव को चुनावी मैदान में राजनीतिक चुनौती के रूप में पेश किया है।

उल्लेखनीय है कि नगांव लोकसभा सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई। बोरदोलोई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और बाद में दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।

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