उत्तर प्रदेश के प्रयागराज उत्तराखंड के उधम सिंह नगर और लद्दाख के लेह समेत सूरत, पुणे, रंगारेड्डी व उत्तर 24 परगना जैसे शहर अपने अपने राज्य में श्रमिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के तौर पर तेजी से उभर रहे हैं। ये उन 16 शहरों में शामिल हैं, जहां पांच लाख से अधिक गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं।
सांख्यिकी मंत्रालय की सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि इन 16 शहरों में तीन महाराष्ट्र में और दो गुजरात में हैं जबकि कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में इस श्रेणी में एक-एक जिला शामिल है। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में गैर-पंजीकृत इकाइयों में 5.77% प्रयागराज में हैं।
उत्तराखंड की 23.03% इकाइयां यूएस नगर में हैं। गुजरात की कुल इकाइयों में से 19.43% सूरत में, तेलंगाना की कुल 23.53% इकाइयां रंगारेड्डी में हैं। बंगाल की इकाइयों में से 15.99% उत्तर 24 परगना में और महाराष्ट्र की इकाइयों में से 9.14% पुणे में हैं।
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मिजोरम के प्रतिष्ठानों में महिलाओं का वर्चस्व
महिला नेतृत्व वाले गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले शीर्ष 10 जिले तेलंगाना, मणिपुर और मेघालय में स्थित हैं। मिजोरम में के प्रत्येक जिले में 50 प्रतिशत प्रतिष्ठान महिला स्वामित्व वाले हैं। देश के 237 जिलों में, गैर-निगमित क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी एक तिहाई है।
जिला स्तरीय अनुमानों से महिला उद्यमिता में महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पैटर्न का पता चलता है। महिला नेतृत्व वाले गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले शीर्ष 10 जिले तेलंगाना, मणिपुर और मेघालय में स्थित हैं। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में भी ऐसा ही पैटर्न देखने को मिलता है।