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नगालैंड हिंसा: ग्रामीणों का दावा- ट्रक रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने ड्राइवर को मारी थी पहली गोली, फिर घेर कर बरसाई थीं गोलियां

Fri, 10 Dec 2021 08:33 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा

सार

ओटिंग गांव के लोगों की ओर से बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि घटना करीब सात से आठ बजे के बीच हुई, जब ग्रामीण कोयले की खदान से काम करके एक सप्ताह बाद गांव वापस लौट रहे थे। 
 
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नगालैंड हिंसा - फोटो : Social media
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विस्तार
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नगालैंड हिंसा में ग्रामीणों समेत 14 लोगों की मौत के बाद ओटिंग गांव के लोगों ने एक मंच के माध्यम से चार दिसंबर के घटनाक्रम की पूरी कहानी बयां करी है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षाबलों ने कोयले की खदान से कामगारों को ले जा रहे ट्रक को रोकने के लिए पहली गोली ट्रक ड्राइवर को मारी थी। इसके बाद पूरे ट्रक को घेर लिया गया और गोलियां बरसा दी गईं।

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ओटिंग सिटीजन कार्यालय के मीडिया सेल की ओर से जारी किए गए बयान के तहत ट्रक की विंडस्क्रीन में गोली का छेद मिला है, जो बिल्कुल ड्राइवर की पोजीशन पर है। इससे साफ है कि सुरक्षाबलों की ओर से पहली गोली ड्राइवर को ही मारी गई थी। यह घटना तब हुई जब कामगार कोयले की खदान से काम करके एक सप्ताह बाद ओटिंग गांव वापस लौट रहे थे। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों के वाहनों का पीछा किया और उन पर कब्जा करके आग लगा दी। 

सरकार की ओर से बिठाई गई है जांच 
मामला समाने आने के बाद केंद्र सरकार की ओर से इस घटना की एसआईटी जांच कराने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि एसआईटी इस घटना की पूरी रिपोर्ट एक महीने के अंदर पेश करेगी। वहीं असम राइफल्स ने भी इस घटना पर खेद जताते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। 

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