शनिवार रात गश्त लगा रही सेना की एक टुकड़ी ने काम खत्म कर घर लौट रहे लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों की सेना के साथ झड़प हुई जिसमें सात और नागरिकों एवं सेना के एक जवान की मौत हो गई।
भारतीय सेना ने एक मेजर जनरल-रैंक के अधिकारी के तहत नागालैंड हिंसा की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की स्थापना की है। अधिकारी केवल पूर्वोत्तर सेक्टर में तैनात हैं। सेना के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। वहीं इस घटना पर जवाब देते हुए सैन्य अधिकारियों ने बताया कि म्यांमार की सीमा से लगने वाले मोन जिले में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया था। दरअसल, नगालैंड के मोन जिले के तिरु इलाके में रविवार रात सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कम से कम एक जवान समेत 14 लोगों की मौत हो गई। ये इलाका म्यांमार की सीमा के नजदीक है। वहीं इस घटना के बाद नगालैंड सरकार ने मारे गए 13 लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
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सीएम नेफ्यू रियो ने की AFSPA हटाने की मांग
नगालैंड में नागरिक हत्याओं पर नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने बयान देते हुए कहा कि मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से बात की है, वह मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हमने प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी है। हम केंद्र सरकार से नागालैंड से AFSPA हटाने के लिए कह रहे हैं। इस कानून ने हमारे देश की छवि को काला कर दिया है।
नगालैंड पुलिस ने सेना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की
नगालैंड पुलिस ने शनिवार शाम मोन जिले में नागरिकों पर गोलीबारी के सिलसिले में भारतीय सेना के 21 पैरा विशेष बलों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।
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28 लोग घायल, छह की हालत गंभीर
अधिकारियों ने बताया कि 28 घायलों में से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आदिवासी निकाय का दावा गोलीबारी में 17 लोगों की हुई मौत
नागालैंड में सोमवार को एक बार फिर से उस समय माहौल गर्म हो गया जब एक शीर्ष आदिवासी निकाय ने दावा किया कि मोन जिले में नागरिकों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई, जबकि पुलिस ने कहा कि 14 लोग मारे गए।
आपातकालीन राहत कार्य जारी
वरिष्ठ मंत्री पी पाइवांग कोन्याक ने कहा कि आपातकालीन राहत कार्यों के लिए राज्य सरकार के दो हेलीकॉप्टरों को सेवा में लगाया गया और चार घायलों को आगे के चिकित्सा उपचार के लिए मोन से दीमापुर ले जाया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एस पंगु फोम ने भी रेफरल अस्पताल दीमापुर में घायलों से मुलाकात की।