नागालैंड और मेघालय में रविवार को चुनाव प्रचार खत्म हो गया। अब पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मंगलवार को मतदान होगा। नागालैंड में विधानसभा की 60 सीटें हैं लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के संस्थापक नेफ्यू रियो के निर्विरोध चुने जाने की वजह से मंगलवार को 59 सीटों पर ही मतदान होगा। इन सीटों के लिए पांच महिलाओं समेत 195 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
वहीं मेघालय में
विधानसभा चुनाव की 59 सीटों के लिए वोटिंग होगी क्योंकि एनसीपी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की उग्रवादी हमले में मौत की वजह से एक सीट पर चुनाव टाल दिया गया है। मेघालय में इन सीटों के लिए 32 महिलाओं समेत कुल 372 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
नागालैंड में अब तक कोई महिला राज्य विधानसभा में नहीं पहुंच सकी है। भाजपा ने यहां अपने पुराने सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से नाता तोड़ कर एनडीपीपी से हाथ मिलाया है। समझौते के तहत भाजपा यहां केवल 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
मेघालय में कांग्रेस के सामने साख बचाने की चुनौती
मेघालय में बीते 10 साल से सत्तारूढ़ कांग्रेस के सामने इस बार अपनी साख बचाने की चुनौती है। कांग्रेस जहां अपने कामकाज का हवाला देकर सत्ता बरकरार रखने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर भाजपा विकास के वादे के साथ लोगों को लुभाने की कोशिश में है।
नागालैंड में सभी दलों के अपने-अपने वादे
नागालैंड में सत्तारूढ़ एनपीएफ के नेता जहां नए विजन के साथ राज्य को बदलने के नारे के साथ मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं वहीं एनडीपीपी के नेता राज्य की सत्ता को बदलने के नारे के साथ चुनाव मैदान में प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे रहे हैं।