भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार पर 'विदर्भ-विरोधी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र के विकास के लिये कोष प्रदान नहीं कर इसकी उपेक्षा कर रही है।
फडणवीस ने पूर्वी विदर्भ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक दिसंबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि विदर्भ क्षेत्र में केवल वही विकास कार्य चल रहे हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दी है।
यह सरकार पूरी तरह से विदर्भ-विरोधी है- फडणवीस
विदर्भ क्षेत्र के नागपुर से संबंध रखने वाले फडणवीस ने कहा, 'यह सरकार पूरी तरह से विदर्भ-विरोधी है और मराठवाड़ा तथा अन्य पिछड़े क्षेत्रों के प्रति भी इसका यही रवैया है।'
महाराष्ट्र का 33,000 करोड़ रुपये बकाया
फड़णवीस के आरोपों पर पलटवार करते हुए राकांपा नेता तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र का 33,000 करोड़ रुपये बकाया दबाए बैठी है।
भाजपा को राज्य सरकार की आलोचना का कोई अधिकार नहीं
उन्होंने कहा, 'भाजपा को राज्य सरकार की आलोचना का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा महाराष्ट्र-विरोधी है। कोरोना महामारी से न केवल विदर्भ बल्कि पूरे राज्य के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ा है।'
भाजपा को राज्य सरकार की आलोचना का कोई अधिकार-थोराट
राज्य की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि विपक्ष हताशा में एमवीए सरकार पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा, 'लोग भी उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहे।'