गाय को 'राष्ट्रीय पशु' का दर्जा देने को लेकर बहस जारी है। इस बीच, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग गाय को माता मान सकते हैं। लेकिन मुसलमानों पर यह मान्यता स्वीकार करने की कोई बाध्यता नहीं है।
दलवई ने कहा, पहले गाय को राष्ट्रीय पशु कहा जाता था और अब उसे माता कहा जा रहा है। अगर मुसलमान थोड़ा पीछे हटते हैं, तब उन्हें और पीछे धकेलने की कोशिश होती है। आप गाय को माता कह सकते हैं। लेकिन हम उसे देश का एक महत्वपूर्ण पशु और राष्ट्रीय पशु मानते हैं। इसमें गलत क्या है? जिन्होंने इसे राष्ट्रीय पशु कहा, उन्होंने सही कहा है।
उन्होंने आगे कहा, आप गाय को माता मान सकते हैं। लेकिन मुसलमान इसे स्वीकार नहीं करेंगे। क्या हर किसी के लिए यह मानना जरूरी है? हम भारत को 'भारत माता' कहते हैं। लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल गए थे, तो उन्होंने कथित तौर पर इस्राइल को हमारी 'पितृभूमि' कहा था। ऐसे बयान समझ में नहीं आते।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?
हाल ही में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, गाय हमारी माता है। हमारे साथ उसका वैसा ही संबंध है, जैसा हमारी अपनी माताओं के साथ होता है। इसमें किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है और इस रिश्ते को किसी नाम या दर्जे की आवश्यकता नहीं है।
इस्लामी धर्मगुरुओं ने की राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया, जब बकरीद के दौरान कुछ इस्लामी धर्मगुरुओं ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे पशु वध कम होगा और दूध देने वाले पशु की पवित्रता बढ़ेगी। अजमेर दरगाह शरीफ, कोलकाता की नखोदा मस्जिद और दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन दरगाह से जुड़े कई इस्लामी धर्मगुरुओं ने मुस्लिम समुदाय से ईद-उल-अजहा पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की।
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अजमेर के सैयद सरवर चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि संसद बुलाकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, उसका वध और मांस निर्यात पर रोक लगाई जाए।
ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश ने भी गोमांस निर्यात करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद जावेद कुरैशी ने कहा कि गोमांस निर्यात कंपनियां पशुओं के गैरकानूनी वध से पैसा कमा रही हैं और ऐसी पाबंदियां पशुपालकों को नुकसान पहुंचाती हैं।