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अयोध्या मामले में मुस्लिम संगठन की राष्ट्रपति से तुरंत दखल देने की मांग, कहा खौफ में हैं मुस्लिम  

Sun, 25 Nov 2018 09:59 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
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अयोध्या के वर्तमान हालातों को लेकर मुस्लिम संगठन ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। पत्र में मुस्लिम संगठन ने अयोध्या प्रकरण को लेकर राष्ट्रपति से तुरंत दखल देने की मांग की है। उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर उमड़ी भीड़ से अयोध्या समेत समूचे उत्तर प्रदेश की शांति व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है।

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आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए मुशावरत (एआईएमएमएम) ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर कहा है कि शिव सेना और विश्व हिंदू परिषद के कायर्कर्ताओं ने विवादित जगह पर राम मंदिर के निर्माण का खुला एलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि मामला विवादित जगह का है और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है। पत्र में उन्होंने आशंका जताई है कि अयोध्या में उपद्रवी भीड़ के एकत्रित होने से अयोध्या के साथ उत्तर प्रदेश और समूचे देश की शांति को खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने लिखा है कि अयोध्या और फैजाबाद जिलों में रह रही शांति प्रिय मुस्लिम आबादी में ‘राम मंदिर’ को लेकर खौफ पैदा हो गया है। जिसके चलते वहां रह रहे कई मुस्लिम परिवार शहर से पलायन कर गए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि इस तरह के प्रदर्शनों से विवादित जगह के हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, वापस लौटने पर ये प्रदर्शनकारी अपने कस्बों, शहरों समेत देश के दूसरे क्षेत्रों में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं।
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पत्र में लिखा है कि यह बेहद दुखद है कि राज्य सरकार तमाशा देख रही है और अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है। अगर बाबरी मस्जिद क्षेत्र में वर्तमान हालातों को बदलने की कोई कोशिश होती है, तो वह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना होगी।

उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों को विवादित क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दें, साथ ही हताश मुस्लिम समुदाय के जानोमाल की सुरक्षा के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करें। पत्र में लिखा है कि कानून से बढ़ कर कोई नहीं है और किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, अगर ऐसा होता है तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन होगा। 

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