ईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष पनक्कड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लाने के एलान के बाद से ही इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेतृत्व में केरल में मुस्लिम संगठनों के एक समूह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।
बता दें, यह फैसला मंगलवार को कोझिकोड में हुई मुस्लिम संगठनों की बैठक के बाद लिया गया है। बैठक में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल जमियातुल उलमा के दो गुट, केरल नदवथुल मुजाहिदीन के गुट, जमात-ए-इस्लामी हिंद, मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी और मुस्लिम सर्विस सोसाइटी जैसे मुस्लिम संगठन शामिल थे।
बैठक के बाद आईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष पनक्कड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा कि यूसीसी देश की सामाजिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इससे न केवल मुसलमान बल्कि आदिवासी और पूर्वोत्तर राज्यों के लोग भी प्रभावित होंगे। इसलिए सभी को मिलकर जिम्मेदाराना तरीके से इसका जवाब देना चाहिए। हमें साथ होकर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़नी होगी।
थंगल ने आगे कहा कि समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूसीसी के खिलाफ सड़कों पर कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों के बीच यूसीसी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कोझिकोड सहित राज्य भर में मॉडल सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। बैठक में एक कोर कमेटी को इस बात पर चर्चा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई कि जागरूकता कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जा सकते हैं।
आईयूएमएल नेताओं ने कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के दौरान संसद में संहिता का एक मसौदा पेश किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मसौदे का अध्ययन करने के बाद कानूनी लड़ाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वहीं, कांग्रेस ने भी बुधवार को केरल में एक बैठक करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है इस दौरान यूसीसी पर चर्चा की जाएगी। बैठक में, बड़े अधिकारियों के अलावा विधायक, नेता और जिले के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे।