बीएचयू में चल रहे विवाद के बीच कोलकाता के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक कॉलेज ने संस्कृत विभाग में एक मुस्लिम व्यक्ति को असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे वक्त की गई है, जब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में संस्कृत विभाग में एक मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति के खिलाफ छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रमजान अली नाम के इस शख्स की नियुक्ति बेलूर के रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में की गई है।
बीएचयू विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रमजान ने कहा कि उनका मानना है कि संस्कृत भारत की विशिष्टता, उसकी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि संस्कृत सभी भाषाओं की मां है। बता दें कि, बीएचयू के संस्कृत विभाग में प्रोफेसर के तौर फिरोज खान की नियुक्ति का विभाग के छात्र विरोध कर रहे हैं। नियुक्ति के खिलाफ वे सड़कों पर उतर आए हैं।