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भारतीय पायलटों को 'टॉर्चर' करने के लिए पाकिस्तान ने 'म्यूजिक' को बनाया हथियार

Tue, 04 Oct 2016 11:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
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सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैकरों की हरकतों ने भारतीयों पायलटों की नींद उड़ा दी है। जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के नजदीक से हवाई जहाज उड़ाने वाले पायलटों को पाकिस्तानी हैकर्स जबरन अपने देशभक्ति गाने सुनाकर परेशान कर रहे हैं। 
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जब एयरक्राफ्ट की लैंडिंग कर रहे होते हैं, तब पायलट जम्मू एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क करने के लिए एक फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। पाकिस्तानी हैकर्स इसी फ्रीक्वेंसी में सेंध लगाकर उन्हें जबरन पाकिस्तानी देशभक्ति के गाने सुना रहे हैं। विभिन्न एयरलाइन्स के विमान तो जम्मू तक ही हैं, लेकिन एयर इंडिया के विमान आर्मी चार्टर के मुताबिक थोएस स्थित सैन्य हवाई अड्डे तक जाते हैं। थोएस में सेना का हवाई अड्डा है, जो एलओसी के काफी नजदीक है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है। 

ऊंचाई पर विमान उड़ाने वाले एक वरिष्ठ पायलट ने बताया, 'हमें 'दिल, दिल पाकिस्तान, जान, जान पाकिस्तान' जैसे गाने सुनने पड़ते हैं। हमारी फ्रीक्वेंसी को हैक कर पिछले कुछ समय से ऐसा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में हमें ऊधमपुर में नॉदर्न कंट्रोल जाना पड़ता है। यह एटीसी एयरफोर्स की ओर चलाई जाती है, जब फ्लाइट 1000 फीट की ऊंचाई पर होती है, तब हम इस एटीसी से संपर्क करते हैं। इससे नीचे होने पर जम्मू टॉवर से संपर्क करते हैं।' नॉदर्न कंट्रोल जम्मू एटीसी को लैंडलाइन पर फोन कर पायलटों के लिए दूसरी फ्रीक्वेंसी लेती है। एटीसी पायलटों को सूचित करती है, इस फ्रीक्वेंसी पर जम्मू से संपर्क करें।
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लैंडिंग के चलते चौकन्ने रहते हैं पायलट

- फोटो : Air India
दूसरी को हैक कर पाने में पाकिस्तानी हैकरों की नाकामी का फायदा उठाते हुए पायलट एटीसी के साथ संपर्क करते हुए जम्मू या थोएस हवाई अड्डे पर लैंड कर जाते हैं। एक अन्य पायलट ने बताया, 'हम वीएचएफ का यूज करते हैं, यह साइट कम्युनिकेशन की लाइन है और इसके बारे में कहा जाता है कि 'यदि आप हमें देख सकते हैं, तो आप हमसे बात भी कर सकते हैं। इस वजह से हैकर्स हमारी फ्रीक्वेंसी को जाम कर देते हैं और अपने गाने सुनाने लगते हैं। लैंडिंग के आखिरी वक्त में गाने सुनकर हमें बहुत गुस्सा आता है।' इसी कारण जम्मू एटीसी की फ्रीक्वेंसी थोड़े ही अंतराल पर बदली जाती है, ताकि एलओसी के पार से होने वाली हैकिंग को कम किया जा सके। 

बता दें कि जम्मू और थोएस में लैंडिंग करने वाले पायलटों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है, एलओसी से बेहद पास होने के कारण उन्हें हमेशा चौकन्ना रहना पड़ता है। 
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