मुरथल गैंगरेप मामले की जांच के लिए एसआईटी ने डीएनए टेस्ट के लिए खून के नमूने इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। हसनपुर और कुरद गांव के कुल 25 लोगों के खून के नमूने लेकर उसे फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
इस मामले में कोई सबूत और गवाह न मिलने की वजह से एसआईटी को ये कदम उठाना पड़ा। हरियाणा के हसनपुर गांव के रहने वाले 30 साल के विजय कुमार ने बताया कि ब्लड टेस्ट के लिए अपना नाम सरपंच की लिस्ट में देखकर वो हैरान रह गए।
उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल में किसी भी तरह की कोई कागजी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें रिपोर्ट का दुरुपयोग होने की आशंका सता रही है। अन्य लोग भी ऐसी ही आशंकाएं जता रहे हैं। कुछ का कहना है कि इस वजह से उनकी काफी बदनामी हो चुकी है। ऐसे में उन्हें कोई नौकरी देने को भी तैयार नहीं है।
आपको बता दें कि 22 फरवरी की रात जाट आंदोलनकारियों ने मुरथल में महिला यात्रियों के साथ गैंगरेप किया था। जिसमें 30 मार्च को पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।