आज देशभर में कारगिल दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य मंत्रियों व नेताओं ने कारगिल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि करगिल विजय दिवस देश के सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और असाधारण वीरता को श्रद्धांजलि देने का एक अवसर है।
गौरतलब है, करगिल विजय दिवस 1999 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत को चिह्नित करने के लिए हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। भारतीय सेना ने लद्दाख की महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर कब्जा करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे धकेलने के लिए भीषण जवाबी कार्रवाई की थी।
सभी देशवासी उनके त्याग और शौर्य से प्रेरणा प्राप्त करेंगे: मुर्मू
मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘करगिल विजय दिवस हमारे सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और असाधारण पराक्रम के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र द्वारा सम्मान प्रकट करने का अवसर है। 1999 में करगिल की चोटियों पर भारत मां की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले प्रत्येक सेनानी को मैं श्रद्धांजलि देती हूं और उनकी पावन स्मृति में नमन करती हूं। मुझे विश्वास है कि सभी देशवासी उनके त्याग और शौर्य से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। जय हिंद! जय भारत!’
1999 के युद्ध में बहादुरी से लड़े थे: रक्षा मंत्री
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कारगिल युद्ध के दौरान बहादुरी से लड़ने वाले सशस्त्र बल के जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर हम उन बहादुर सैनिकों की अदम्य भावना और साहस को याद करते हैं जो 1999 के युद्ध में बहादुरी से लड़े थे। उनकी अटूट प्रतिबद्धता, वीरता और देशभक्ति ने सुनिश्चित किया कि हमारा देश सुरक्षित रहे। उनकी सेवा और बलिदान हर भारतीय और हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
दुश्मन की सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया: अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'कारगिल विजय दिवस सेना के वीर जवानों के शौर्य के अटूट संकल्प का प्रतीक है। कारगिल के युद्ध में वीर जवानों ने हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों में पराक्रम की पराकाष्ठा का परिचय देते हुए दुश्मन की सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया और कारगिल में पुन: तिरंगा लहराकर देश को गौरवान्वित किया। आज कारगिल विजय दिवस पर इस युद्ध में अपने साहस से मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर जवानों को नमन करता हूँ। आपके त्याग, समर्पण व बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं पाएगा।'
हम कारगिल के नायकों से प्रेरणा लेते: सेना
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और सशस्त्र बलों के सभी अधिकारियों ने भी बहादुरों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। सेना के मुख्यालय ने कहा, 'हम कारगिल के नायकों से प्रेरणा लेते हैं और हम साहस, सम्मान और बलिदान के साथ अपने देश की रक्षा करके उनकी विरासत का सम्मान करना जारी रखेंगे।'
इस अवसर पर द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक सहित पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी संघर्ष के दौरान देश की भूमि की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, 'कारगिल विजय दिवस पर हमारे बहादुर सैनिकों की वीरता और समर्पण को सलाम। उनके साहस और देशभक्ति की विरासत सभी भारतीयों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश का काम करती है।'