राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को स्लोवाकिया, सर्बिया और एस्टोनिया के समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। ये बैठकें राष्ट्रपति भवन में की गईं। इन बैठकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया के समकक्ष पीटर पेलेग्रिनी का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया और पिछले साल अपने राजकीय दौरे को याद किया। मुर्मू ने उनकी ओर से दिखाए गए आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति ने एआई इम्पैक्ट समिट में पेलेग्रिनी की भागीदारी की सराहना की और इसे भारत और दुनिया के लिए ऐसा एक निर्णायक पल बताया, जो जनता, ग्रह और प्रगति (पीपल, प्लेनेट, प्रोग्रेस) के सिद्धांतों पर आधारित है।
पीटर पेलेग्रिनी के दौरे पर राष्ट्रपति भवन ने क्या कहा?
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुर्मू ने कहा कि भारत सार्वजनिक भलाई के लिए तकनीक के सिद्धांत पर काम कर रहा है और इस दिशा में एआई इम्पैक्ट समिट आयोजित किया गया है, ताकि एआई हर किसी के लिए सुलभ और लाभकारी हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक में भारत-स्लोवाकिया सहयोग दुनिया के लिए बहुत कुछ देने वाला है। उन्होंने व्यापार, निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के आपसी द्विपक्षीय संबंधों की बढ़ती गति को भी रेखांकित किया।
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राष्ट्रपति ने सर्बिया-भारत संबंधों पर क्या कहा?
वहीं, सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्सांदर वुसिक के साथ बैठक में मुर्मू ने अपने जून 2023 के सर्बिया दौरे को याद किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने आतिथ्य के लिए वुसिक और उनकी सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सह-स्थापना से लेकर वैश्विक दक्षिण में साझेदार बनने तक भारत और सर्विया के बीच एक खास संबंध है। एआई में दोनों देशों की क्षमता को देखते हुए मुर्मू ने कहा, यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सहयोग को और गहरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, सूचना-तकनीकी, विनिर्माण, कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, दवा, पर्यटन और शिक्षा में व्यापार व निवेश बढ़ाने की संभावना है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर सहमति जताई।