मुंबई की ट्रैफिक पुलिस के लिए पहले तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों को पकड़ना बहुत मुश्किल था। लेकिन अब 47 हाईटेक कैमरों ने पुलिस की मुश्किल को काफी कम कर दिया है। यानि जो भी तेज रफ्तार गाड़ी चलाता है उसे इन कैमरों की सहायता से आसानी से पकड़ा जा सकता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये ऑटोमैटेड नंबर प्लेट की पहचान करने की तकनीक से लेस हैं।
शहर के जॉइंट पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि 47 में 40 कैमरे दिसंबर में लगाए गए थे और बाकी के 7 कैमरे फरवरी में लगाए गए। उन्होंने कहा जनवरी से फरवरी माह में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले 30 हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और यह संख्या मार्च में तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
आपको बता दें कि कैमरों की सहायता से पुलिस ने 80 हजार ऐसे लोगों की पहचान की है जो तय से ज्यादा लिमिट में गाड़ी चला रहे थे। वहीं नए साल पर 7600 वाहन चालकों से जुर्माना लिया गया। जिनकी संख्या बीते साल महज 2000 थी।
जब पुलिस से पूछा गया कि नियम तोड़ने वालों को कैसे बताया जाता है कि उन्होंने नियम तोड़ा है? तो उन्होंने बताया कि हाईटेक कैमरे नंबर प्लेट की पहचान कर उसका लिंक ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचा देते हैं। इस लिंक के साथ चालक की पिक्चर और ई-चालान भी जुड़ा होता है। इसी आधार पर नियम तोड़ने वालों को नोटिस भेज दिया जाता है।
उन्होंने कहा कैमरे इंस्टॉल होने पर 25 फीसदी लोग ही जुर्माना भर रहे थे लेकिन अब
जुर्माना भरने वालों की संख्या 51 फीसदी हो गई है। उन्होंने कहा लोगों से जुर्माना वसूलना मुश्किल काम है लेकिन हमें उम्मीद है कि साल के अंत जुर्माना भरने वालों की संख्या 80 फीसदी तक हो जाएगी।