मुंबई से सटे ठाणे स्थित चेकमेट कंपनी में हुई नौ करोड़ रुपए लूट की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 करोड़ 19 लाख रुपये बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में कंपनी का एक पूर्व और एक मौजूदा कर्मचारी शामिल है। 15 आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा है कि इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
ठाणे में मनोरुग्रालय के समीप स्थित हीरादीप बिल्डिंग मे चेकमेट कंपनी कार्यालय में बीते सोमवार की रात नौ करोड़ से अधिक की लूट हुई थी। शुक्रवार को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक प्रवीण दीक्षित और ठाणे के पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। इस लूट का पर्दाफाश करते हुए सिंह ने बताया कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी आकाश चव्हाण ने लूट की साजिश रची।
चव्हाण को अप्रैल में कंपनी से निकाल दिया गया था। इसके बाद चव्हाण ने नाशिक के पेशेवर अपराधी उमेश वाघ से संपर्क किया। चव्हाण ने वाघ को कंपनी में कामकाज के तरीके और नगदी जमा होने सहित सुरक्षा की बातें बताई। इस साजिश में कंपनी का मौजूदा कर्मचारी अमोल कार्ले भी शामिल था।
ऐसे उठा साजिश से पर्दा
hathkadi
छानबीन के दौरान पुलिस ने कंपनी में मौजूद सभी कर्मचारियों से पूछताछ की। इनमें कार्ले भी शामिल था। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि कार्ले भी पैसे ड्रम में भरने में आरोपियों की मदद कर रहा था। उसने तीन बार पैसे बाहर पहुंचाए। कार्ले ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि हथियारबंद लुटेरों से वह डरा हुआ था। लेकिन, कड़ाई से पूछताछ में वह टूट गया और इस साजिश से पर्दा उठ गया।
इलाके में लगे सीसीटीवी से भी पुलिस को बड़ी मदद मिली। पुलिस ने सीसीटीवी तस्वीरों के जरिए लूट के लिए इस्तेमाल की गई जॉइलो गाड़ियों की पहचान कर ली। जो नाशिक की ट्रैवेल कंपनी की हैं। इससे भी आरोपियों को पकड़ने में आसानी हुई। उसके बाद कार्ले, चव्हाण,नीतेश आव्हाड, मयूर कदम, उमेश वाघ और हरीशचंद्र मते को गिरफ्तार कर 4 करोड़ की राशि बरामद की गई।
नहीं ले जा पाए सारा पैसा, खेत में हुआ बंटवारा
money
आरोपियों ने लूट के लिए सोमवार का दिन चुना था क्योंकि इस दिन कंपनी में मॉल्स आदि बड़ी दुकानों से सर्वाधिक पैसे जमा होते थे। हालांकि उस दिन कंपनी में करीब 30 करोड़ रुपये नकद मौजूद था लेकिन इसने पैसे वे अपने साथ नहीं ले जा सकते थे। इसलिए 9 करोड़ 19 लाख रुपये ही लूटे गए।
लूट के बाद आरोपी तीन गाड़ियों में पैसे लेकर भागे और शहर के बाहर एक खेत में लूट के पैसों का बंटवारा किया। इसके बाद सभी आरोपी अलग-अलग फरार हो गए।