फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: धनंजय मुंडे को नहीं मिली राहत; महिला को देना ही होगा गुजारा भत्ता; अदालत ने अपना आदेश रखा बरकरार

Sat, 05 Apr 2025 07:00 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे को मुंबई की एक सत्र अदालत से झटका लगा है। जहां मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी, जिसमें उन्हें एक महिला को गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई की एक सत्र अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को बड़ा झटका दिया है। इसके तहत कोर्ट ने मुंडे की अपील खारिज कर दी। यह अपील उन्होंने एक मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी, जिसमें उन्हें एक महिला को गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था। बता दें कि महिला का दावा है कि वह उनकी पहली पत्नी हैं।

धनंजय मुंडे की अपील खारिज

विज्ञापन

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेख अकबर शेख जाफर ने धनंजय मुंडे की अपील को खारिज कर दिया, हालांकि इस मामले में विस्तृत आदेश अभी तक उपलब्ध नहीं हुआ है। जहां धनंजय मुंडे ने अपनी अपील में दावा किया था कि महिला करुणा मुंडे से उनकी कभी शादी नहीं हुई थी और मजिस्ट्रेट ने बिना उचित विचार के आदेश पारित किया।

ये भी पढ़ें:- जादवपुर विश्वविद्यालय: रामनवमी के लिए अनुमति नहीं मिलने पर विवाद, छात्रों ने प्रशासन पर लगाए पक्षपात का आरोप

चार फरवरी को कोर्ट ने सुनाया था फैसला

विज्ञापन

मामले में बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत ने बीते 4 फरवरी को करुणा मुंडे की याचिका पर आंशिक रूप से फैसला दिया था। अदालत ने धनंजय मुंडे को अंतरिम भरण-पोषण के रूप में करुणा मुंडे को 1,25,000 रुपये प्रति माह और उनकी बेटी को 75,000 रुपये प्रति माह देने का आदेश दिया था।

ये भी पढ़ें:-Mohan Yadav: दिल्ली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता से मिले मोहन यादव, विक्रमादित्य महानाट्य के लिए दिया निमंत्रण

क्या है मामला, समझिए
गौरतलब है कि यह मामला 2020 से शुरू हुआ था, जब करुणा मुंडे ने धनंजय मुंडे के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था। साथ ही भरण-पोषण की मांग की थी। मजिस्ट्रेट ने अभी मुख्य याचिका पर फैसला नहीं सुनाया है। ज्ञात हो कि धनंजय मुंडे को हाल ही में बीड जिले के एक सरपंच की हत्या के मामले में अपने सहयोगी की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें