दीवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण
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पिछले पांच सालों में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दिवाली के दिन सबसे साफ हवा दर्ज की गई है। पिछले पांच सालों से ही मुंबई की हवा की रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो रही है। हालांकि शोधकर्ताओं ने सोमवार को प्रदूषण के स्तर में मामूली वृद्धि की भविष्यवाणी की है। रविवार को हवा गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ने दोपहर को पीएम 2.5 (छोटे कण पदार्थ जो फेफड़ों में गहराई से प्रवेश कर सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं) 30 दर्ज किया जो शाम को बढ़कर 87 हो गया।
वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) के अनुसार सोमवार को एक्यूआई 118 (मध्यम) रहेगा। वहीं मंगलवार को यह 70 (संभावना) और बुधवार को 76 (संभावना) रहने की संभावना है। सफर के परियोजना निदेशक गुफरान बेग ने कहा, 'चक्रवात क्यार की वजह से पश्चिमी तट का वायु प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर रहा है और जिन चार शहरों में सफर वायु गुणवत्ता को रिकॉर्ड करता है वहां मुंबई के बाद पुणे सबसे साफ रहा है। दिवाली के दौरान दिल्ली में वायु सबसे खराब स्तर पर और अहमदाबाद में मध्यम स्तर पर दर्ज की गई।'
बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स (बीकेसी) रविवार को सबसे प्रदूषित स्थान रहा। यहां एक्यूआई ने पीएम 2.5 217 (सबसे खराब) दर्ज किया। इसके बाद मलाड में पीएम 2.5 120 (मध्यम) दर्ज किया गया। वहीं वर्ली में भारी वाहनों के आवागमन के कारण अधिकतम नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) का स्तर (125) (मध्यम) दर्ज किया गया। मझगांव में अधिकतम कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) का स्तर 105 (मध्यम) दर्ज किया गया जो पटाखों और वाहनों के प्रदूषण में वृद्धि के कारण रहा।
संभावना है कि बीकेसी और मलाड सोमवार को सबसे प्रदूषित स्थान रहेंगे। सफर के अनुसार 0-50 के बीच एक्यूआई अच्छी, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401 से ऊपर गंभीर होती है।
बेग ने कहा, 'बाहरी उत्सर्जन के कारण सोमवार को दोपहर एक बजे से सुबह छह बजे के बीच अधिकतम प्रदूषण का स्तर बढ़ने की संभावना है, जैसे शहर में पटाखे जल रहे हैं, जिससे सतह के करीब प्रदूषकों की एक सीमा परत बनने से वायु प्रदूषण में अस्थायी वृद्धि होगी।' पिछले साल मुंबई में दिवाली (7 नवंबर, 2018) पर एक्यूआई 221 (खराब) और दिवाली के एक दिन बाद 305 (बहुत खराब) दर्ज किया गया था।