मुंबई में रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इससे रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं और पालघर के पास मौजूद पिंजल नदी के पुल का एक हिस्सा बह गया है। बारिश के कारण बदलापुर-अंबरनाथ और वसाई-विरार की हाउसिंग कॉलोनियों में मौजूद एक लाख से ज्यादा लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं। वहीं पांच लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को भारी बारिश हो सकती है।
आईएमडी मुंबई ने कहा है कि कल (6 अगस्त) को रायगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 7 अगस्त को रायगढ़ और ठाणे में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
सेंट्रल रेलवे की उपनगरीय सेवाओं को टिटवाला तक चालू कर दिया गया है। सेंट्रल रेलवे का कहना है कि अंबरनाथ से कर्जत को छोड़कर सेंट्रल रेलवे की सभी उपनगरीय सेवाएं चालू हैं। कर्मचारी इस खंड को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। वहीं राज्य सरकार ने सोमवार को मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में मौजूद स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की है। सेंट्रल रेलवे की सीएसएमटी-ठाणे और सीएसएमटी-मानखुर्द के बीच सेवाएं ठप्प हो चुकी है। यह कल्याण के बाहर रहने वाले लोगों के लिए बुरी खबर है। एक अधिकारी ने कहा कि कल्याण-करजात कॉरिडोर के बीच एक से दो दिनों में सेवाएं शुरू होंगी।
बारवी बांध से छोड़ा जाने वाला पानी और मीठी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने की वजह से सेंट्रल रेलवे की की परेशानियां बढ़ गई हैं। बदलापुर, शेलू और नेरल में कुछ ट्रैक बह गए हैं। रविवार को पश्चिमी रेलवे की वसाई और विरार के बीच दो ट्रैक पर लगभग सात घंटों के लिए सेवाएं ठप्प थीं। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है, 'कल के लिए मौसम विभाग की चेतावनी के कारण मुंबई, एमएमआर, पालघर, ठाणे, रायगढ़ जिलों के स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की जाती है। एमएमआर के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मचारियों देर से रिपोर्ट करने की अनुमति है।'
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों के अंदर सुरक्षित रहें और जब तक ज्यादा जरूरी न हों बाहर न निकलें। सभी आपातकालीन सेवाएं हमेशा की तरह कार्यरत हैं। ठाणे जिले के जू-नांदखुरी गांव में वायुसेना ने जलमग्न घरों से 58 लोगों को बचाया। एमआई-17 हेलीकॉप्टर के जरिए 16 बच्चों समेत 58 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके अलावा, बचाव अभियान के लिए नौसेना की तीन टीमें भी प्रशासन के संपर्क में हैं।