प्रदर्शन करते बजरंग दल के कार्यकर्ता
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक खेल परिसर का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसे लेकर मुंबई पुलिस ने दल के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया है और हमला बोला है।
इसे लेकर राज्य सरकार में मंत्री असलम शेख ने कहा है कि पिछले 70 साल में टीपू सुल्तान के नाम पर कोई विवाद नहीं था। आज भाजपा ने देश को बदनाम करने और परियोजनाओं के नाम पर विवाद खड़ा करके विकास न होने देने के लिए अपने गुंडे भेजे हैं। असलम ने कहा कि नामकरण को लेकर हम विवाद नहीं चाहते हैं।
असलम शेख ने कहा कि टीपू सुल्तान एकमात्र ऐसे योद्धा थे जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजों से लड़ते हुए अपना बलिदान दिया था। आज का कार्यक्रम परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए था। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा राज्य और जनता के विकास से संबंधित मुद्दों पर बात करने के स्थान पर नाम पर किसलिए ध्यान लगा रही है।
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि टीपू सुल्तान अपने राज्य में हिंदुओं के उत्पीड़न के लिए एतिहासिक रूप से जाने जाते हैं। भाजपा कभी भी ऐसे लोगों का सम्मान स्वीकार नहीं करेगी। टीपू सुल्तान के नाम पर बाग का नाम रखे जाने का फैसला रद्द कर दिया जाना चाहिए।
वहीं, शिव सेना नेता आदित्य ठाकरे मुंबई उपनगरीय जिले के प्रभारी मंत्री हैं और मालवानी इसी क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी बाग का नामकरण बीएमसी का विशेषाधिकार है। मेरी जानकारी के अनुसार मालवानी उद्यान का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।