एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को 12 अक्तूबर की रात उनके बेटे और कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी के ऑफिस से बाहर निकलने के दौरान गोली मारी गई थी। जिसके बाद लीलावती अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में सोमवार को मुंबई पुलिस ने नया खुलासा किया। पुलिस ने कहा कि बाबा सिद्दीकी को मारने के लिए पिस्तौलें राजस्थान से लाई गईं थीं। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी राम कनौजिया और भगवंत सिंह ओम जुलाई में पिस्तौल लेने राजस्थान गए थे। वहां उन्होंने विदेश में बनीं दो पिस्तौलें हासिल की थीं।
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पुलिस ने बताया कि भगवंत सिंह (32) मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर का रहने वाला है। वह गिरफ्तारी के समय नवी मुंबई में स्क्रैप डीलर के रूप में काम कर रहा था। अधिकारी ने कहा कि मुंबई पुलिस अब अपने राजस्थान पुलिस की मदद से उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने उन्हें हथियार मुहैया कराए थे। मुंबई पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेशी में बने हथियार राजस्थान कैसे पहुंचे?
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से बाबा सिद्दीकी की तस्वीरें एकत्र की थीं। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को 12 अक्तूबर की रात उनके बेटे और कांग्रेस नेता जीशान सिद्दीकी के ऑफिस से बाहर निकलने के दौरान गोली मारी गई थी। जिसके बाद लीलावती अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। हत्याकांड में सबसे पहले आरोपी गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को सबसे पहले पकड़ा गया था।
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इसके बाद हत्याकांड की साजिश रचने वाले आरोपी शुभम लोनकर के भाई प्रवीण लोनकर को गिरफ्तार किया गया। कुछ दिन बाद एक और आरोपी हरीश कुमार को पकड़ा गया। हत्याकांड में मुंबई पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं हत्याकांड के मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम, शुभम लोनकर और मोहम्मद जीशान अख्तर फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है।
मुंबई पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल बदमाशों ने यूट्यूब पर देखकर हथियार चलाना सीखा था, जबकि मुख्य आरोपी शिवकुमार गौतम ने शादियों में आतिशबाजी के लिए की गई फायरिंग के दौरान हथियार चलाना सीखा था। इन सभी ने कुर्ला इलाके में एक किराए के मकान में यूट्यूब पर वीडियो देखकर हथियार चलाना सीखा था।