पीएनबी के 14000 करोड़ घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को 2017 में एंटीगुआ सरकार को दी गई रिपोर्ट को लेकर उठे विवाद पर मुंबई पुलिस ने शनिवार को सफाई दी। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ उस वक्त कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था, इसके चलते क्लियर रिपोर्ट दी गई थी।
मुंबई पुलिस से जारी बयान में कहा गया है कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने 2015 में उसे पुलिस सत्यापन की जरूरत नहीं का दर्जा दिया था। इसके बाद उसे तत्काल श्रेणी के तहत पासपोर्ट मिला था। इस दर्जे के बावजूद मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।
पिछले साल चोकसी को पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने पर बयान में कहा गया है कि हीरा कारोबारी ने 23 फरवरी 2017 को पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया था। मालाबार हिल्स पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने 10 मार्च 2017 को क्लियर रिपोर्ट दी थी। इसमें कहा गया था कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया।