मुंबई के भांडुप के ड्रीम्स मॉल में बने सनराइज अस्पताल में आग लगने के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। इस दर्दनाक हादसे में कोविड मरीजों समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। एफआईआर में पीएमसी बैंक घोटाले में आरोपी और एचडीआईएल के प्रमोटर राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग का भी नाम है। ये दोनों मॉल के निदेशक हैं।
अधिकारियों ने बताया, पुलिस ने शुक्रवार देर रात भांडुप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। इसमें राकेश व सारंग के अलावा निकिता त्रेहान, अमित सिंह, दीपक शिर्के, अमित सिंह त्रेहान और स्वीटी जैन का नाम है। अमित, निकिता और स्वीटी सनराइज अस्पताल के निदेशक हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 34 (साझा मंशा) के तहत केस दर्ज किया गया है।
अब तक की जांच में मॉल में कई खामियों का पता चला है। सुरक्षा के नाम पर काफी लापरवाही बरती जा रही थी और फायर सेफ्टी उपकरणों की लंबे समय से जांच नहीं की गई थी। मॉल में करीब 1108 दुकानें हैं, जिनमें से लगभग 40 फीसदी बंद हैं और संचालन में नहीं हैं। जनवरी में सनराइज अस्पताल को कोविड-19 सेंटर में बदल दिया गया था। बीएमसी के मुताबिक, अस्पताल में कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे नौ मरीजों की आग लगने के कारण दम घुटने से मौत हो गई जबकि दो अन्य मरीज आग लगने से पहले ही संक्रमण से दम तोड़ चुके थे।
कूलिंग का काम अब भी जारी
दमकल विभाग ने बताया कि मॉल में कूलिंग का काम अब भी चल रहा है। आग पर काबू पा लिया गया है। अस्पताल से बचाए गए मरीजों को मुलुंड, भांडुप, ठाणे, घाटकोपर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।