एंटीलिया केस में आरोपी और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में जेल में बंद सहायक पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) सचिन वाजे को 16 साल बाद बहाली कैसे मिली, आरटीआई के तहत मांगी गई इस जानकारी को देने से मुंबई पुलिस ने इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह जानकारी जनहित में नहीं है।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत वाजे के संबंध में जानकारी के लिए 8 अप्रैल, 2021 को मुंबई पुलिस में ऑनलाइन आवेदन किया था। पुलिस आयुक्त के स्तर पर 5 जून, 2020 को हुई निलंबन समीक्षा बैठक में एपीआई सचिन वाजे को सेवा में बहाली के निर्णय और और इसके प्रस्ताव की प्रति मांगी थी।
गलगली ने पूछा कि क्या इस तरह की समीक्षा बैठक के बारे में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के अलावा कैबिनेट स्तर की बैठक में भी कोई फैसला लिया जाता है। इस पर सूचना देने से इनकार करते हुए मुंबई पुलिस ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(जे) औऱ सरकारी परिपत्र दिनांक 17 अक्टूबर 2014 के प्रावधानों के तहत सूचना से इनकार किया जा रहा है।