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साकीनाका कांड के बाद सतर्क हुई मुंबई पुलिस : महिला सुरक्षा के लिए जारी की 'निर्भया पथक' गाइडलाइन, जानिए विस्तार से

Tue, 14 Sep 2021 06:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Nirbhaya Pathak guideline : साकीनाका दुष्कर्म व हत्याकांड के बाद मुंबई पुलिस सजग हो गई है। उसने 'निर्भया पथक गाइडलाइन जारी की है। इसमें महानगर के हर क्षेत्र में विशेष पुलिस बल, नोडल अधिकारी और विशेष वाहन तैनात किया जाएगा। जो महिला सुरक्षा पर खास ध्यान देगा। 
 
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मुंबई पुलिस(फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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मुंबई के 'निर्भया कांड' के तौर पर चर्चित साकीनाका दुष्कर्म व हत्याकांड से महानगर में महिला सुरक्षा के हालातों की पोल खुल गई थी। इसे घृणित कांड के बाद अब मुंबई पुलिस ने निर्भया पथक गाइडलाइन जारी की है। पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले द्वारा जारी 11 बिंदुओं की गाइडलाइन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल, नोडल अधिकारी व विशेष वाहन तैनात करने का फैसला किया गया है। 

  • नई गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु
  •  सभी पुलिस थानों में 'महिला सुरक्षा इकाई' का गठन किया जाएगा।
  •  प्रत्येक थाने में तैनात मोबाइल वैन में से एक वैन निर्भया पथक के लिए होगी।
  •  मुंबई पुलिस के पांच रीजन में एक महिला एसीपी या एक महिला पुलिस निरीक्षक के अधिकारी को निर्भया पथक के नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
  •  एक निर्भया पथक के अंतर्गत एक पुलिस सब इंस्पेक्टर पद की महिला अधिकारी व एक पुरुष कांस्टेबल व ड्राइवर की टीम बनाई जाएगी।
  •  इस निर्भया पथक की जानकारी पहुंचाने के लिए रेडियो, टेलीविज़न, न्यूज़ जैसे अलग-अलग संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • निर्भया पथक के लिए हर पुलिस थाने में एक विशेष डायरी बनाई जाएगी। 
  • जिन अधिकारियों व कर्मचारियों को इसमें नियुक्त किया जाएगा, उनकी पहली दो दिन स्पेशल ट्रेनिंग होगी। 
  • जिस थाने के इलाके में बाल गृह, अनाथालय या महिला पीजी मौजूद हैं, वहां पर पेट्रोलिंग करके गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • हर पुलिस थाने के अंतर्गत जिन जिन इलाकों में महिलाओं से संबंधित अपराध होने की घटनाएं सामने आई हैं, उन जगहों को चिन्हित किया जाए। उसके अनुसार सुरक्षा व्यवस्था करें।
  • झोपड़पट्टी, मनोरंजन पार्क, स्कूल, कॉलेज परिसर, थिएटर, मॉल्स, मार्केट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के लिए जाने वाले अंडरग्राउंड पास पर विशेष सतर्कता रहेगी। 
  • रात को अगर कोई लड़की सफर कर रही है और यदि वह मदद मांगती है तो उसे सुरक्षित जगह पहुंचाने में उसकी मदद की जाएगी।
  • थाना क्षेत्र में यदि कोई बुजुर्ग महिला अकेली रहती है तो पेट्रोलिंग के दौरान उनसे मिलकर उनकी समस्या जानी जाएगी। 
  • गत पांच वर्षों में महिलाओं और बच्चों के साथ अत्याचार करने वाले लोगों की सूची बनाई जाएगी। थाने से सूची लेकर इन लोगों पर निगरानी रखी जाएगी। 
  • अलग से एक डायरी भी बनाई जाएगी, जहां इस तरह चिन्हित लोगों से जुड़ी जानकारी रखी जाएगी।
  • 103 नंबर महिला सुरक्षा की हेल्पलाइन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसका व्यापक प्रचार किया जाएगा। 
  • जो निर्भया पथक महिलाओं से जुड़े मामलों में बहुत बढ़िया काम करेगा, उसे मुंबई पुलिस कमिश्नर की तरफ से इनाम दिया जाएगा
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