मुंबई की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2013 में चार वर्षीय बच्ची पर यौन हमला करने के मामले में दोषी पाए गए बुजुर्ग दंपति को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मुंबई के गिरगांव में पीड़िता दंपति के पड़ोस में ही रहती थी। अदालत ने दंपति को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए गुरुवार को सजा सुनाई।
विशेष पॉक्सो अदालत की न्यायाधीश रेखा पंढारे ने दंपति पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के मुताबिक, यह घटना करीब आठ साल पहले हुई, जब दंपति ने बच्ची को अपने घर पर बुलाया और अपराध को अंजाम दिया। उनके मुताबिक, अदालत ने पीड़िता और उसकी मां के बयान पर भरोसा जताया।
अभियोजन ने बताया कि पीड़िता की चिकित्सकीय रिपोर्ट से मौखिक साक्ष्य की पुष्टि हुई थी। अदालत ने पाया कि आरोपी पीड़ित बच्ची के दादा-दादी की उम्र के थे और उनसे बच्ची की देखभाल की उम्मीद की जाती थी, न कि इस तरह के हमले की। इसके साथ ही अदालत ने दंपति को सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।