मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की पत्नी दिवंगत मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने बुधवार को रंग फेंक दिया। घटना को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं में आक्रोश के बीच पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
यह घटना उस समय सामने आई थी, जब एक राहगीर ने सुबह लगभग साढ़े छह बजे देखा कि प्रतिमा और उसके आसपास चबूतरे पर लाल रंग फेंका गया है। मामले की जानकारी मिलते ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूटीबी) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और परिसर की सफाई की।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को प्रतिमा पर रंग फेंके जाने की घटना की सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए पुलिस की आठ टीम गठित की गई हैं और शिवाजी पार्क क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाला। जिसके बाद एक शख्स को इस मामले में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान उपेन्द्र पावस्कर के रूप में हुई है और संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है।
अधिकारी के मुताबिक, घटना के सिलसिले में शिवाजी पार्क पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-298 (किसी भी वर्ग के लोगों के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
इस घटना ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे नीत मनसे के कार्यकर्ताओं को एकजुट कर दिया, जिससे दोनों दलों के बीच सुलह की अटकलें और तेज हो गईं।
कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश के बीच उद्धव और राज ने घटनास्थल का अलग-अलग दौरा किया। उद्धव ने अपनी मां की प्रतिमा को विरूपित किए जाने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि इसका मकसद महाराष्ट्र में अशांति पैदा करना प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यह हरकत कोई ऐसा व्यक्ति कर सकता है, जो अपने माता-पिता का नाम लेने में शर्म महसूस करता हो और उन्होंने इस संबंध में पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे ने पुलिस से 24 घंटे के भीतर दोषियों का पता लगाने की मांग की थी। महाराष्ट्र के गृह एवं राजस्व राज्य मंत्री योगेश कदम ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े कदम ने मीनाताई ठाकरे को सभी शिवसेना कार्यकर्ताओं की मातृशक्ति बताया और इस घटना को उनके लिए एक भावनात्मक मुद्दा करार दिया था। मंत्री ने दावा किया कि उनके पिता एवं शिवसेना नेता रामदास कदम ने बाल ठाकरे के निर्देश पर यह प्रतिमा बनवाकर स्थापित करवाई थी। शिवसेना (उबाठा) नेता और मुबई दक्षिण मध्य लोकसभा सीट से सांसद अनिल देसाई ने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाती है।