नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अस्थायी तौर पर परिचालन स्थानांतरित करने के लिए हवाईअड्डा संचालक को अपनी योजना सौंपने को कहा है। मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को कुछ सप्ताह आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा है।
सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालक के साथ अगली बैठक 13 अक्तूबर को होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में मुंबई हवाईअड्डे से नवी मुंबई हवाईअड्डे पर यात्रियों और उड़ानों के अस्थायी स्थानांतरण की विस्तृत योजना को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी। इसके बाद अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में एक और बैठक प्रस्तावित है। इसमें अस्थायी स्थानांतरण की अंतिम योजना पर चर्चा की जाएगी।
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर क्या है तैयारी?
यह बैठक मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल 1 के चरणबद्ध पुनर्विकास और एयरलाइंस के परिचालन को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर स्थानांतरित करने के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, भारतीय एयरलाइंस महासंघ और विभिन्न घरेलू एयरलाइनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने नवी मुंबई हवाईअड्डे की तैयारियों की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि हवाईअड्डे पर जरूरी बुनियादी ढांचा और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। कंपनी ने हवाईअड्डे की बेहतर संपर्क व्यवस्था, विमान में भोजन उपलब्ध कराने की सुविधाओं, होटलों, विश्राम कक्षों और अन्य सहायक सेवाओं का भी जिक्र किया।
मंत्रालय कर रहा योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी
करीब 90 मिनट चली बैठक में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के अधिकारियों ने एयरलाइन संचालकों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एयरलाइंस की परिचालन संबंधी चिंताओं पर बातचीत हुई और प्रस्तावित स्थानांतरण तथा टर्मिनल 1 के पुनर्विकास से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए। मंत्रालय अब एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालक से प्राप्त जानकारी के आधार पर चरणबद्ध स्थानांतरण की योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का होना है पुनर्विकास
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 से शुरू होना है। इसके चलते एयरलाइंस को 25 अक्तूबर से अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन का एक तिहाई हिस्सा बंद करने या उसे नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने के लिए कहा गया था। हालांकि, आज हुई बैठक के बाद इस प्रक्रिया के थोड़ा आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं। मुंबई और नवी मुंबई दोनों एयरपोर्ट अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के अंतर्गत आते हैं।
कितने प्रतिशत यात्रियों पर पड़ेगा प्रभाव?
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने 3 अक्तूबर को कहा था कि टर्मिनल-1 के उत्तरी हिस्से को गिराकर उसके पुनर्विकास और इसके बाद कुछ परिचालन को टर्मिनल-2 तथा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने से मुंबई एयरपोर्ट के 91 प्रतिशत यात्री प्रभावित नहीं होंगे।
टर्मिनल-1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 में शुरू होगा। इसके बाद इसकी क्षमता मौजूदा 15 करोड़ यात्रियों के बजाय 20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुंचने की बात कही गई है। मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में शामिल है। यहां टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 हैं। टर्मिनल-1 का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन टर्मिनल-2 से किया जाता है।