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अपने समुदाय से नफरत करता है प्रेमजी: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने की क्या थी वजह? दावे ने चौंकाया

Tue, 30 Jun 2026 01:30 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, मुंबई

सार

मुंबई मुहर्रम जुलूस के दौरान जहरील कैप्सूल बांटने के मामले में पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह अपने समुदाय से नफरत करता है। अपनी हरकतों के चलते वह समाज से बहिष्कृत भी हो चुका है। 
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मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जहरीला कैप्सूल बांटने की साजिश की जांच में नया खुलासा हुआ है। दरअसल आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पुलिस को बताया कि वह अपने समुदाय से नफरत करता है, जिसके चलते उसने जहरीले कैप्सूल मुहर्रम के जुलूस में लोगों को बांटे। हालांकि उसका दावा है कि उसका मकसद किसी की जान लेना नहीं बल्कि मुहर्रम के जुलूस के दौरान परेशानी पैदा करना था। 
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आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पुलिस को बताया कि उसका मकसद किसी की जान लेना नहीं था, वह बस लोगों को परेशान करना चाहता था। आरोपी ने घटना के पहले इसका प्रैक्टिकल भी किया था कि जहर की कितनी मात्रा देने पर व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसलिए आरोपी ने 1 ग्राम के पैकेट खुद तैयार किए थे, ताकि ये जहरीले कैप्सूल खाने से किसी की मौत न हो और सिर्फ तबीयत बिगड़े।

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में क्या चौंकाने वाले खुलासे किए?
  • आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी (39) के बारे में परेशान करने वाली बातें सामने आई हैं, जिनमें पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल, समाज से बेदखल होना और मानसिक सेहत का बिगड़ना शामिल है।
  • पुलिस के मुताबिक, फैयाज प्रेमजी मुहर्रम जुलूस से करीब दो सप्ताह पहले नजदीकी एक सस्ते होटल में रुका था, वहां रहने के दौरान उसने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए 30,000 खाली कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फास्फाइड मंगवाया। जिंक फास्फाइड एक बहुत जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है। आरोपी ने कई दिनों तक होटल के कमरे में ही ये कैप्सूल तैयार किए।
  • मुंबई पुलिस ने जांच में पाया है कि प्रेमजी का वैवाहिक और पारिवारिक जीवन बिखर गया था, जिससे वह भावनात्मक रूप से परेशान हो गया था और अपने ही समुदाय के लोगों के प्रति उसके मन में गहरी नाराजगी थी।
  • आरोपी को अपने धर्म के खिलाफ गुस्सा था, उसने कुछ साल पहले मुस्लिम धर्म की प्रथाओं और परंपराओं का विरोध करते हुए पर्चे भी बांटें थे, इसके बाद धार्मिक नेताओं ने कथित तौर पर उसके परिवार को समुदाय से बहिष्कृत कर दिया था।
  • सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बाद प्रेमजी अपनी मां, बड़े भाई और अपनी दो छोटी बहनों, सकीना और रुबीना के साथ पुणे चला गया। बताया जाता है कि वह कभी-कभी मुंबई आता था और यहां सस्ते होटलों में रहता था। 
  • प्रेमजी ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की डिग्री हासिल की है और वह शादीशुदा था, लेकिन चार साल पहले उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था।
  • जांचकर्ताओं का मानना है कि परिवार में तनावपूर्ण रिश्तों और भाई व रिश्तेदारों द्वारा नजरअंदाज किए जाने के चलते उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने बताया कि वह कई तरह की दवाएं और गोलियां भी ले रहा था।

शिया समुदाय की कठोर प्रथाओं के प्रति फैयाज के मन में गुस्सा
  • 2019 में प्रेमजी अपनी मां, भाई और बहनों के साथ ईरान चला गया, जहा उसने फास्ट फूड का बिजनेस शुरू किया, लेकिन साल 2025 में वह पुणे लौट आया। आरोपी के बयान के अनुसार उसके दादाजी ने भी शिया समुदाय की कठोर प्रथाओं के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसका असर शायद उसके नजरिए पर पड़ा।
  • पुलिस ने बताया कि 2025 में पुणे लौटने के बाद फैयाज प्रेमजी मुहर्रम का इंतजार कर रहा था और उसने कथित तौर पर हमले की योजना बहुत पहले ही बना ली थी। ऑनलाइन तरीके से कैप्सूल बनाना सीखा और कथित तौर पर यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही लगभग 30,000 कैप्सूल बनाए।
  • पुलिस के अनुसार, प्रेमजी का मानना है कि उसकी निजी परेशानियों, जैसे कि उसकी टूटी हुई शादी और परिवार में अशांति के लिए उसका अपना समुदाय ही जिम्मेदार था। उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए अपने शिया समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का फैसला किया।
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क्या है ये पूरा मामला?
मुंबई के भायखला और डोंगरी इलाकों में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था, तभी प्रेमजी को जुलूस में शामिल लोगों के बीच बैग में रखे कैप्सूल बांटते हुए देखा गया। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने उससे कैप्सूल के बारे में पूछा, तो उसने जवाब दिया कि वे पेनकिलर हैं, जिनका मकसद जुलूस के दौरान लोगों को लगी चोटों से होने वाली तकलीफ को कम करना था। हालांकि, जल्द ही दो लोगों ने बेचैनी और उल्टी की शिकायत की। पुलिस को बताया गया कि दोनों ने प्रेमजी द्वारा बांटे गए कैप्सूल खाए थे। पुलिस ने प्रेमजी को डोंगरी के एक होटल से हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान 14,900 कैप्सूल मिले, जिनमें चूहे मारने वाली दवा का पाउडर भरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि प्रेमजी अभी हिरासत में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। 

जांचकर्ताओं का कहना है कि अपने समुदाय के प्रति नाराजगी के बावजूद, प्रेमजी कट्टरपंथी या किसी चरमपंथी संगठन से जुड़ा हुआ नहीं लगता है। हालांकि उसने इराक और ईरान की काफी यात्राएं की थीं, इसलिए अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। उसके हालिया इंटरनेट इस्तेमाल, बातचीत और ऑनलाइन सर्च का पता लगाने के लिए उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
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