सार
मुंबई की मोनोरेल सेवा में गुरुवार सुबह अचार्य अत्रे चौक स्टेशन पर एक ट्रेन को 12 मिनट तक रोका गया। यह कदम अधिक भार और भीड़ के कारण उठाया गया, तकनीकी खराबी की वजह से नहीं। प्रवक्ता स्वाति लोखंडे ने बताया कि SOP के मुताबिक 104 मीट्रिक टन सीमा पार होने पर यात्रियों को उतारा गया। मंगलवार को 582 यात्री ट्रेन में फंसे थे, जिसके बाद सुरक्षा के नए नियम लागू किए गए।
मुंबई में गुरुवार सुबह मोनोरेल सेवा में एक बार फिर गड़बड़ी जैसी स्थिति देखने को मिली। अचार्य अत्रे चौक स्टेशन पर एक मोनोरेल ट्रेन को 12 मिनट तक रोककर यात्रियों को उतारा गया। अधिकारियों ने साफ किया कि यह रुकावट किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि भीड़ अधिक होने के कारण की गई थी।
महामुंबई मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड की प्रवक्ता स्वाति लोखंडे ने बताया कि सुबह 9:28 बजे संत गाडगेबाबा चौक जाने वाली मोनोरेल को अचार्य अत्रे चौक स्टेशन पर रोका गया। नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार 104 मीट्रिक टन की सीमा के मुकाबले ट्रेन का लोड 107 मीट्रिक टन तक पहुंच गया था। ऐसे में यात्रियों को उतारना जरूरी हो गया।
यात्रियों की अनिच्छा से बढ़ी देरी
लोखंडे ने कहा कि कई यात्री उतरने को तैयार नहीं थे, जिससे 12 मिनट तक ट्रेन रोकी गई। उन्होंने दोहराया कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। यह निर्णय सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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बीते मंगलवार को हुआ था बड़ा हादसा
गौरतलब है कि मंगलवार को मोनोरेल सेवा में बड़ी समस्या आई थी। मैसूर कॉलोनी स्टेशन के पास दो मोनोरेल ट्रेनें ट्रैक पर फंस गई थीं। इस दौरान करीब 582 यात्री दो घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहे। आखिरकार फायर ब्रिगेड को बुलाकर उन्हें मैकेनाइज्ड सीढ़ियों से निकाला गया। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने उस समय की घटना के लिए बिजली आपूर्ति में आई समस्या और भीड़ को जिम्मेदार ठहराया था।
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सुरक्षा के नए कदम
मंगलवार की घटना के बाद बुधवार को प्राधिकरण ने मोनोरेल संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं। इन्हीं उपायों के तहत गुरुवार को एसओपी का पालन करते हुए भीड़ अधिक होने पर ट्रेन को रोककर यात्रियों को उतारा गया। मुंबई में देश की एकमात्र मोनोरेल कॉरिडोर चलती है, इसलिए हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रहती है।