प्रांतवाद की जहरीली राजनीति करने वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अब मुंबई मेट्रो को निशाना बनाया है। मनसे की मांग है कि जिस तरह से लोकल ट्रेनों और बेस्ट की बसों में मांस-मछली ले जाने पर कोई रोक-टोक नहीं है उसी प्रकार मुंबई मेट्रो में भी मांस-मछली (कच्चा मांस) ले आने और ले जाने पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। इसको लेकर सोमवार को मनसे की महासचिव शालिनी ठाकरे ने वर्सोवा मेट्रो स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया।
मुंबई में एक ही मार्ग पर वर्सोवा से घाट कोपर के बीच मेट्रो चलाई जाती है। मेट्रो कर्मचारियों ने एक यात्री को इसलिए मेट्रो में यात्रा करने से मना कर दिया क्योंकि वह प्लास्टिक की थैली में मांस लेकर यात्रा करना चाहता था। इस तरह यात्री को रोके जाने से मनसे के कार्यकर्ता भड़क गए और विरोध में वर्सोवा मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए शालिनी ठाकरे ने कहा कि मेट्रो में भी कच्चा मांस ले जाने की छूट होनी चाहिए।
वहीं, मुंबई मेट्रो के प्रवक्ता की ओर से कहा गया कि मेट्रो में मृत प्राणी या कच्चा मांस ले जाना प्रतिबंधित है। यह नियम देशभर के मेट्रो के लिए लागू है क्योंकि मेट्रो अधिनियम में इसका स्पष्ट उल्लेख है। मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि मेट्रो पूरी तरह वातानुकूलित है। ऐसे में मांस या मछली लेकर मेट्रो में यात्रा करने से अन्य यात्रियों को मांस की महक से कठिनाई हो सकती है। लेकिन, शालिनी ठाकरे ने कहा कि इस तरह का प्रबंध कतई सहन नहीं किया जाएगा। वर्सोवा मेट्रो स्टेशन पर आंदोलन के बाद उन्होंने मेट्रो प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।