मुंबई के रहने वाले 20 साल के चिन्मय प्रभु का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। उन्होंने पानी के अंदर पिरामिड शेप के रूबिक्स क्यूब को सॉल्व किया है। उन्होंने ये काम महज एक मिनट और चालिस सेंकेंड में पूरा किया।
चिन्मय ने ये रिकॉर्ड बीते साल नौ दिसंबर में बनाया था। उन्हें इस साल 15 मार्च को गिनीज सर्टिफिकेट मिला है। चिन्मय का कहना है, "मुझे क्यूबिक और स्वीमिंग पसंद है। मैंने दोनों को मिलाया और एक नया टाइटल दिया। मैंने गिनीज को अंडरवॉटर क्यूबिंग के लिए एक नया शीर्षक बनाने के लिए प्रेरित किया क्योंकि इससे पहले उनकी सूची में ऐसा कोई शीर्षक नहीं था।"
उन्होंने कहा, "आमतौर पर मैं 30-35 सेकेंड तक ही सांस रोक सकता हूं। लेकिन मेरी सांस लेने की क्षमता धीरे-धीरे डेढ़ मिनट तक बढ़ गई।" हालांकि गिनीज ने उन्हें चार पिरामिड सॉल्व करने का लक्ष्य दिया था। लेकिन उन्होंने नौ सॉल्व किए। उनका कहना है, "मैंने सोचा कि अगर मैं चार या पांच सॉल्व करता हूं तो किसी दिन कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ देगा। तो इसलिए मैंने नौ सॉल्व किए।" चिन्मय ने ये मुकाम हासिल करने के लिए पांच महीने की ट्रेनिंग ली थी। इससे पहले उनका नाम लिमका बुक में भी दर्ज हो चुका है।
इसपर चिन्मय के पिता का कहना है कि उनका बेटा बचपन से ही रूबिक्स क्यूब को सॉल्व करना पसंद करता है। इसलिए उन्होंने उसे इसके लिए प्रोत्साहित किया। लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा इतनी बड़ी जीत हासिल करेगा। बता दें चिन्मय अब दूसरे लोगों को भी रूबिक्स क्यूब सॉल्व करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।