मुंबई लोकल में सफर के दौरान रेलवे व राज्य सरकार की ओर से निर्धारित कोरोना बचाव संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। रेलमंत्री ने अनुरोध किया, '' मेरा आप सभी से आग्रह है कि यात्रा के दौरान सभी आवश्यक नियमों, व कोरोना से बचाव संबंधी दिशा निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही हमारे और दूसरों के लिए समस्या बन सकती है।आप स्वयं सुरक्षित रहेंगे, तो आपके साथ यात्रा करने वाले सभी सुरक्षित रहेंगे।''
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
मुंबईवासियों को यात्रा के दौरान कोविड संक्रमण को रोकने से जुड़ी शर्तों के साथ टाइमिंग का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि कोई आम यात्री निर्धारित समय के नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की फिलहाल 2,985 लोकल ट्रेनें पटरी पर दौड़ रही हैं, जो कुल लोकल सर्विस का करीब 95 फीसदी है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में आम लोगों के लिए उपनगरीय रेल सेवाओं को 01 फरवरी से बहाल करने की शुक्रवार को मंजूरी दी है।
नौ महीने से बंद थी लोकल सेवा
कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से तकरीबन नौ महीनों से आम आदमी को यात्रा करने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, तमाम राजनीतिक पार्टियों और नागरिक संगठन इस बात की मांग समय-समय पर सरकार से करते रहे थे। लेकिन कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए सरकार निगरानी कर रही थी। हालांकि, कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस बात के संकेत दिए थे कि आम आदमियों के लिए भी लोकल ट्रेन को जल्द ही शुरू किया जाएगा। जिसके तहत कुछ दिनों पहले पश्चिम रेलवे ने अपनी सभी लोकल सेवाओं को पूर्ण रूप से चलाना शुरू किया था। इसके कुछ दिन बाद ही महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला आम जनता के हित में लिया है।