महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गर्मी का पारा अभी से चढ़ने लगा है। मुंबई में रविवार का दिन पिछले एक दशक का मार्च का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, मुंबई में वैज्ञानिक शुभांगी भूटे ने बताया कि रविवार का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले एक दशक में मार्च का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा।
इससे पहले 17 मार्च, 2011 को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री दर्ज किया गया था। भूटे ने कहा कि मुंबई में मार्च में अभी तक का सबसे गर्म दिन 28 मार्च 1956 रहा था। उस दिन अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आईएमडी के मुताबिक, शहर में पारा अभी और कुछ दिन चढ़े रहने की आशंका है। इस दौरान अधिकतम तापमान 41 डिग्री के आसपास रह सकता है।
मुंबई में गर्मी आए दिन बढ़ती जा रही है। जिससे यहां के लोगों को
गर्मी, उमस और चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक फरवरी में मुंबई शहर का तापमान अधिक ही रहता है। 2015 और 2017 की यदि बात करें तो तब भी शहर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। मौसम विभाग ने तापमान की स्थिति कुछ दिनों तक ऐसी ही रहने का अनुमान जताया है। मुंबई की इस बढ़ती गर्मी का कारण पूरब की तरफ से चलने वाली हवाएं हैं।
इस गर्मी से बचने के लिए
मुंबई के लोग ठंडे शरबत और छाते का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अधिक गर्मी में सड़क पर मिलने वाले ठंडा शरबत और गोला खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसका कारण है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली बर्फ स्वच्छ नहीं होती है। इस बर्फ में ई-कोली नामक
बैकटीरिया पाया जाता है। साथ ही पश्चिम की तरफ से उड़ने वाली
धूल के कारण यहां की हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई है। लेकिन मंगलवार से यहां की हवा साफ होने की उम्मीद जताई गई है।