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मुंबई: सोशल मीडिया पर लिखा- शायद यह मेरी आखिरी गुड मॉर्निंग, अगली सुबह नहीं देख पाई यह डॉक्टर

Wed, 21 Apr 2021 03:15 PM IST
वर्तिका तोलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

शायद यह मेरी आखिरी गुड मॉर्निंग हो सकती है। शायद मैं आपसे इस मंच के माध्यम से फिर कभी मुलाकात न कर पाऊं। आप सभी अपना ध्यान रखना। शरीर मर जाता है। लेकिन आत्मा नहीं। आत्मा अमर होती है। - डॉ मनीषा जाधव
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डॉ मनीषा जाधव - फोटो : डॉ मनीषा जाधव का फेसबुक अकाउंट
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विस्तार
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शायद यह मेरी आखिरी गुड मॉर्निंग हो सकती है। शायद मैं आपसे इस मंच के माध्यम से फिर कभी मुलाकात न कर पाऊं। आप सभी अपना ध्यान रखना। शरीर मर जाता है। लेकिन आत्मा नहीं। आत्मा अमर होती है। यह अंतिम शब्द सेवरी टीबी अस्पताल की 51 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ मनीषा जाधव के थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को कोरोना की वजह से उनकी मौत हो गई। 

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गौरतलब है कि पूरे अस्पताल में डॉ मनीषा जाधव को क्लिनिकल और प्रशासनिक भूमिकाओं को बड़ी अच्छी तरह निभाने के लिए जाना जाता था। रिपोर्ट के अनुसार डॉ जाधव, सिविक हेल्थ सेटअप में से संक्रमण के कारण मरने वाली पहली डॉक्टर बन गई हैं।

हम तो असहाय हैं, आप सावधान रहें : डॉ. तृप्ति
कोरोना महामारी के इस संकट में सभी की आशाएं टीका तैयार कर रहे वैज्ञानिकों और धरती पर भगवान का रूप समझे जाने वाले डॉक्टरों पर है। चुनौतीपूर्ण इस माहौल में अब उनका भी धैर्य जवाब देता जा रहा है। इसके बावजूद  वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और लोगों को सावधानी बरतने को कह रहे हैं।
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मुंबई की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति का एक ऐसा ही भावुक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। आसुओं को किसी तरह रोकते हुए वह कह रही हैं ऐसा वक्त पहले कभी नहीं देखा, जब इतने सारे लोगों को एस साथ मैनेज करन पड़ा हो। हम लोगों को घरों में ऑक्सीजन लगाकर मैनेज कर रहे हैं।

मौजूदा स्थिति में इमोशनल ब्रेकडाउन हम सभी डॉक्टरों में भी कहीं न कहीं हो रहा है। इसलिए अपना ख्याल रखें और खुद को सुरक्षित रखें। कोरोना को हल्के में ना लें और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्रार्थना करें।

वीडियों में तृप्ति की आंखें नम हैं और कह रही हैं, धीरे-धीरे बहुत सारे शहरों की हालत खराब होती जा रही है। मरीजो के लिए बैड नहीं है। हम लोगों ने इससे पहले ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी थी। हम असहाय हैं। अगर आपको लगता है आपको पिछले साल कोरोना नहीं हुआ था और आप सुपर होरो हो, आपकी इमिन्युनिटी बहुत अच्छी है आपको कुछ नहीं होगा तो आप गलतफहमी में हो।

हम लोग 35 साल के युवाओं को देख रहे हैं, जो वेंटिलेटर पर हैं और उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। हम आपको उस स्थिति में नहीं देखना चाहते। कोरोना वायरस अभी आपको सभी जगह मौजूद है और इस कारण आप जब भी घर से बाहर निकलें,मास्क जरूर पहनें। बुखार आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरी होने पर ही अस्पताल में भर्ती हो क्योंकि आपसे ज्यादा जरूरत दूसरे को हो सकती है। डॉक्टर के संपर्क में रहें। कोरोना टीका जरूर लगवाएं।

अभी तक महाराष्ट्र में कुल 168 डॉक्टरों की मृत्यु
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 18,000 डॉक्टर, कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से कोरोना संक्रमण की वजह से 168 की मौत हो गई है। बता दें पिछले 24 घंटों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 62,097 मामले सामने आए हैं। वहीं 519 लोगों ने कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाई है। 

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