मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की अपराध खुफिया इकाई (आईसीयू) ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से एक फर्जी वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी/बार्क) का वरिष्ठ वैज्ञानिक बताता था। गिरफ्तार शख्स की पहचान अख्तर हुसैन कुतुबुद्दीन अहमद (60) के रूप में हुई है। अहमद को अदालत में पेश किया गया जहां उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
फर्जी आईडी बरामद
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के पास से बीएआरसी के फर्जी परिचय पत्र (आईडी) के अलावा कई जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी ने बीएआरसी से जुड़ी खुफिया जानकारी निजी ऑपरेटरों के साथ साझा की। फिलहाल, केंद्रीय एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या अहमद ने कोई संवेदनशील जानकारी विदेश स्थित किसी व्यक्ति या एजेंसियों को बेची है। सूत्रों ने बताया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है इसलिए क्राइम ब्रांच समेत अन्य एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही है। आरोपी अख्तर हुसैन कुतुबुद्दीन अहमद पिछले कुछ वर्षों में कई विदेश यात्राएं कर चुका है जिससे एजेंसियों का संदेह और गहरा गया है।
दुबई से भारत किया था प्रत्यर्पित
गौरतलब है कि, इसी तरह के मामले में आरोपी अख्तर हुसैन कुतुबुद्दीन अहमद को 2004 में खुफिया एजेंसी (आईबी) ने दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया था। तब उसे दुबई पुलिस ने अरब राजनयिकों को भारतीय परमाणु कार्यक्रम की कथित जानकारी बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उससे चार दिन तक गहन पूछताछ की गई थी। लेकिन, बाद में वह जमानत पर छूट गया था।