मुंबई की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देश की विभिन्न जेलों में बंद 19 आईएस आतंकियों व समर्थकों से पूछताछ की अनुमति दे दी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की विशेष जज आरबी रोटे ने कहा कि प्रभावी और उचित जांच के लिए आरोपियों के बयान दर्ज करना जरूरी है।
NIA ने मामला नवंबर 2023 में दर्ज किया, अब ईडी करेगी पूछताछ
ईडी की यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से नवंबर 2023 में दर्ज किए गए मामले से जुड़ी है। एनआईए की जांच दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सक्रिय आईएस मॉड्यूल पर केंद्रित थी, जिसमें शाहनवाज आलम, मोहम्मद रिजवान अशरफ और मोहम्मद अरशद वारसी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
ईडी के वकील ने कोर्ट में क्या दलीलें दीं?
केंद्रीय जांच एजेंसी- ईडी की ओर से अदालत में पेश वकील अरविंद आघव ने कहा कि आरोपी भारत में आतंकी संगठन आईएस का नेटवर्क फैलाने की गहरी साजिश में शामिल थे। ईडी ने दावा किया कि दिवंगत साकिब नाचन खुद को भारत में आईएस का प्रमुख बताता था। नाचन 2002-03 के मुलुंड बम धमाका मामले समेत कई आतंकवाद संबंधी मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था। 2017 में जेल से रिहा होने के बाद वह आईएस के विदेशी हैंडलर सुल्तान सिकंदर के संपर्क में था और भारत में संगठन का नेटवर्क विस्तार करने में जुटा था।
भारत में आतंकी संगठन की फंडिंग पर किसकी नजरें?
ईडी के अनुसार, आरोपी अनुराग मनबीर सिंह भारत में आईएस का ‘खजांची’ था। ईडी ने आरोप लगाया कि नाचन और उसके सहयोगियों ने मुंबई क्षेत्र के पडघा-बोरीवली के जंगलों में हथियार और आईईडी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे।
किन प्रदेशों की जेलों में पूछताछ करेंगे ईडी के अधिकारी
ईडी ने यह भी दावा किया कि संगठन के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से रंगदारी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के जरिये पैसे जुटाए जा रहे थे। साथ ही, इलाके के कई परिवारों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। अदालत ने ईडी अधिकारियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल, मुंबई की आर्थर रोड जेल और लखनऊ सेंट्रल जेल समेत विभिन्न जेलों में जाकर आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति दी है।