फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: लिंगायत मठ के वचनानंद स्वामीजी पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज, नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप

Fri, 15 May 2026 01:57 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कर्नाटक के हरिहर स्थित वीरशैव पंचमसाली लिंगायत मठ के वचनानंद स्वामीजी पर 16 साल के एक नाबालिग छात्र ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ित के पिता की शिकायत पर लक्ष्मेश्वर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि स्वामीजी बच्चों को निर्वस्त्र होने पर मजबूर करते थे और विरोध करने पर पीटते थे। पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
विज्ञापन
अपराध - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के एक बड़े और प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थान के प्रमुख पर एक नाबालिग छात्र के साथ यौन उत्पीड़न करने का बहुत ही गंभीर आरोप लगा है। हरिहर में स्थित वीरशैव पंचमसाली लिंगायत मठ के वचनानंद स्वामीजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में लक्ष्मेश्वर पुलिस स्टेशन में स्वामीजी के खिलाफ 'जीरो एफआईआर' दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन


यह पूरा मामला एक 16 साल के मासूम बच्चे के साथ हुई दरिंदगी से जुड़ा है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना मुख्य रूप से 20 मार्च 2024 की सुबह की बताई जा रही है। शिकायत के मुताबिक, वचनानंद स्वामीजी ने मठ में ही पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र के साथ गंदी हरकत की। बच्चे के 40 वर्षीय मजदूर पिता ने पुलिस थाने जाकर यह दर्दनाक मामला दर्ज कराया है। उनका बेटा साल 2021 से लेकर 2024 के बीच इसी मठ में एक छात्र के तौर पर अपनी पढ़ाई कर रहा था।

मठ के अंदर बच्चों के साथ स्वामीजी क्या करते थे?
शिकायत में बहुत ही भयानक बातें बताई गई हैं। पीड़ित छात्र का आरोप है कि मठ में रहने के दौरान स्वामीजी उसे और दूसरे छोटे छात्रों को बाथरूम में कपड़े उतारने (निर्वस्त्र होने) के लिए मजबूर करते थे। इतना ही नहीं, आरोप है कि जब स्वामीजी खुद बिना कपड़ों के होते थे, तो वे बच्चों से अपने प्राइवेट पार्ट्स की मालिश करवाते थे। बच्चों को गलत तरीके से छुआ जाता था। यह सब शारीरिक और यौन शोषण मठ के अंदर लगातार चल रहा था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Iran-UAE: भारत में भिड़ गए ईरान और यूएई के विदेश मंत्री, ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर हुआ भारी विवाद

विरोध करने पर मासूम बच्चों को क्या सजा दी जाती थी?
जब भी कोई मासूम बच्चा स्वामीजी की इन गंदी हरकतों का विरोध करने की कोशिश करता था, तो उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, विरोध करने वाले बच्चों को बुरी तरह पीटा जाता था। उन्हें शारीरिक तौर पर बहुत प्रताड़ित किया जाता था और सजा के तौर पर उन्हें खाना तक नहीं दिया जाता था। बच्चों को डरा-धमका कर उनके साथ ज्यादती की जाती थी।
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी स्वामीजी पर किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
पुलिस की एफआईआर में यह भी बताया गया है कि आरोपी स्वामीजी ने बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी ताकि वे किसी को इस दुर्व्यवहार के बारे में कुछ न बताएं। अब पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही, मारपीट करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और आपराधिक धमकी देने के लिए धारा 506 भी लगाई गई है। इस गंभीर मामले की आगे की जांच अभी जारी है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें