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मुंबई: मानहानि मामले में नवाब मलिक को मिली जमानत, अगली सुनवाई 30 दिसंबर को, जानिए पूरा मामला

Mon, 29 Nov 2021 04:41 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भाजपा की मुंबई यूथ विंग के पूर्व अध्यक्ष मोहित कम्बोज भारतीय की ओर से दाखिल मानहानि के मामले में एनसीपी नेता नवाब मलिक को जमानत मिल गई है। अदालत अब इस मामले की सुनवाई 30 दिसंबर को करेगी।
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नवाब मलिक - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोमवार को मानहानि के एक मामले में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक को जमानत दे दी। मलिक के खिलाफ यह मामला भाजपा की मुंबई यूथ विंग के पूर्व अध्यक्ष मोहित कम्बोज भारतीय ने दायर किया था। माजागांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 15 हजार रुपये के निची मुचलके पर मलिक को जमानत प्रदान की। 

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अदालत ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय की ओर से दाखिल की गई आपराधिक मानहानि की शिकायत पर नवाब मलिक को एक प्रोसेस नोटिस जारी किया था। भारतीय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एनसीपी नेता ने पिछले महीने हुई क्रूज शिप पर एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की छापेमारी के बाद मुझे और मेरे बहनोई को बदनाम किया।



 
तब अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्ट्या मलिक के बयानों ने शिकायतकर्ता की छवि को नुकसान पहुंचाया। मलिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपराध का मामला दर्ज किया गया था। एनसीबी ने पिछले महीने मुंबई तट पर एक क्रूज जहाज पर छापेमारी की थी और जहाज पर से ड्रग्स बरामद करने का दावा किया था।
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इस मामले में एजेंसी ने प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया था। आर्यन खान और कुछ अन्य को इस मामले में जमानत मिल चुकी है। वहीं, नवाब मलिक शुरुआत से ही इस छापेमारी को फर्जी बताते रहे हैं और एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर वह कई गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं।

भारतीय ने अपनी शिकायत में कहा है कि मलिक ने नौ अक्तूबर को एनसीबी की छापेमारी और आर्यन खान समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर एक प्रेस वार्ता में में जानबूझ कर मेरे और मेरे बहनोई ऋषभ सचदेव के खिलाफ अपमानजनक बातें कही थीं। उन्होंने मलिक के खिलाफ धारा 499 और 500 के तहत अपराध करने के लिए कार्रवाई की मांग की है।   

सुनवाई तक मलिक नहीं करेंगे समीर पर टिप्पणी या ट्वीट
बॉम्बे हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ ने हाईकोर्ट के ही सिंगल जज के उस आदेश को सोमवार को रद्द कर दिया है, जिसमें महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े व उनके परिवार पर सार्वजनिक बयान देने पर रोक से इनकार किया गया था। पीठ के समक्ष मलिक और समीर के पिता ज्ञानदेव ने आदेश रद्द करने पर अपनी सहमति जताई।

मलिक के खिलाफ ज्ञानदेव की मानहानि की शिकायत पर हाईकोर्ट ताजा सुनवाई करेगी, जिसमें मलिक को अपना पक्ष रखने का मौका फिर से मिलेगा। वे सुनवाई तक समीर या उसके परिवार को लेकर ट्वीट या  टिप्पणी नहीं करेंगे। उल्लेखनीय है कि 22 नवंबर को जस्टिस महादेव जामदार ने कहा था कि हालांकि समीर द्वारा फर्जी जाति प्रमाणपत्र से केंद्र की नौकरी पाने और रिश्वत लेने संबंधित मलिक के ट्वीट दुर्भावना से प्रेरित लगते हैं, लेकिन उन्हें ऐसे ट्वीट करने से रोका नहीं जा सकता। इसके खिलाफ ज्ञानदेव ने अपील की थी। पिछले हफ्ते हाईकोर्ट  ने मलिक के ट्वीट्स को दुर्भावना से प्रेरित मानते हुए आगे ऐसे ट्वीट न करने के लिए कहा।

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