राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मंगलवार को एक विशेष अदालत ने 27 आरोपियों के खिलाफ मकोका और बीएनएस के तहत आरोप तय किए। सिद्दी की साल 2024 में हत्या कर दी गई थी। वहीं, आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया।
किन कानूनों के तहत आरोप तय किए गए?
विशेष जज सत्यनारायण आर नवंदर ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं, महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका), आयुध अधिनियम और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत आरोप तय किए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत आरोप तय करना आपराधिक मुकदमे का पहला चरण है, जहां कोर्ट सबूतों के आधार पर आरोपों को औपचारिक रूप देती है।
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कब और कैसे हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या?
- बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को बांद्रा के निर्मल नगर इलाके में हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बार उन्हें गोली मारी थी।
- इस मामले में पुलिस ने कथित शूटर शिवकुमार गौतम सहित 27 लोगों को गिरफ्तार किया था।
- इन 27 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
- जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को पुलिस की ओर से दायर आरोपपत्र में वांछित आरोपी दिखाया गया है।
- अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनमोल बिश्नोई ने कथित तौर पर गिरोह में खौफ और दबदबा कायम करने के इरादे से सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची थी।
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