व्यवसायी ने बताया, दो जून, 2015 को उसके घर में कुछ लोग आए और अपना परिचय आयकर अधिकारियों के रूप में दिया। इस दौरान उन लोगों ने व्यवसायी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और दोनों बैग से 40 लाख रुपये के आभूषण, 1 करोड़ रुपये नकद थे बरामद किए।
मुंबई की एक अदालत ने फिल्म स्पेशल-26 की तरह आयकर अधिकारी बन एक व्यवसायी के घर से लूट मामले में नौ लोगों को दोषी ठहराया है। इन लोगों ने व्यवसायी के घर से 1.65 करोड़ की लूट को अंजाम दिया था। कोर्ट ने छह दोषियों को10 साल कैद और तीन अन्य को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को डकैती, अवैध रूप से प्रवेश और अपहरण की धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
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मामला, 2015 का है। व्यवसायी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, घटना से 20 दिन पहले उसका एक परिचित उसके घर आया और उसे कुछ दिनों के लिए रखने के लिए दो बैग दिए। चूंकि, पीड़ित व्यवसायी के उससे अच्छे संबंध थे, ऐसे में उसने बैग घर पर रख लिए और उन्हें एक अलमारी में बंद कर दिया। व्यवसायी के मुताबिक, इस बात की जानकारी सिर्फ उसकी पत्नी को थी।
दो जून, 2015 को हुई थी लूट
व्यवसायी ने बताया, दो जून, 2015 को उसके घर में कुछ लोग आए और अपना परिचय आयकर अधिकारियों के रूप में दिया। इस दौरान उन लोगों ने व्यवसायी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और दोनों बैग से 40 लाख रुपये के आभूषण, 1 करोड़ रुपये नकद थे बरामद किए। इस दौरान 25 लाख रुपये कलाई घड़ियां भी घर से मिलीं।
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व्यवसायी को घर से दूर छोड़ा
शिकायत में व्यवसायी ने बताया कि कथित अधिकारियों ने उसके परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया। उसे उसे अपने साथ वर्ली स्थिति आयकर कार्यालय चलने को कहा। वे उसे एक कार में बिठाकर ले गए और कुछ दूर जाने के बाद रास्ते में ही उतार दिया।