अमरावती सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा की मुसीबत कम नहीं हो रही है। बुधवार सुबह ही कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी है। उनकी रिहाई होना अभी बाकी है। इससे पहले ही बीएमसी की टीम उनके आवास पर पहुंच गई है। बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें राणा दंपती के आवास पर अवैध निर्माण की शिकायत मिली है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने उन्हें कथित अवैध निर्माण के सिलसिले में मंगलवार को नोटिस भी दिया था। इस नोटिस में कहा गया था कि बीएमसी अधिकारी चार मई यानी आज नवनीत राणा के फ्लैट का निरीक्षण करेंगे। इस फ्लैट में अवैध निर्माण कराने की बात कही गई है। अगर जांच में अवैध निर्माण पाया जाता है, तो इसे तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
इन शर्तों पर मिली है जमानत
कोर्ट ने राणा दंपती को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि राणा दंपती इस तरह का अपराध दोबारा नहीं करेंगे। इसके अलावा वे गवाह या सबूतों से भी छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा है कि राणा दंपती इस मुद्दे पर न ही प्रेसवार्ता करेंगे और न ही मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई बयान देंगे। अगर किसी भी शर्त का उल्लंघन होता पाया गया तो उनकी जमानत को रद्द कर दिया जाएगा।
23 अप्रैल को हुई थी गिरफ्तारी
नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के विवाद में हुई थी। तब से राणा दंपती न्यायिक हिरासत में है और हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका को खारिज कर चुका है।
हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए एक याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने नवनीत राणा को सार्वजनिक जगह पर हनुमान चालीसा को लेकर फटकार लगाते हुए याचिका खारिज कर दी थी।