मुंबई के मशहूर कैफे मोंडेगर समेत चार खाद्य प्रतिष्ठानों पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के बाद एफडीए ने इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अधिकारियों ने त्योहारों के मौसम को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया था।
कैफे मोंडेगर में मिलीं गंभीर खामियां
एफडीए ने 12 सितंबर को कोलाबा स्थित मेट्रो हाउस में कैफे मोंडेगर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गर्म भोजन को निर्धारित 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर नहीं रखने और ठंडे खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे सुरक्षित तापमान पर नहीं रखने जैसी खामियां मिलीं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों को सही तरीके से डीफ्रॉस्ट नहीं किया जा रहा था। पके हुए भोजन को तेजी से ठंडा करने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। स्वच्छता और परिसर की संरचना से जुड़ी कमियों के कारण खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा पाया गया।
इन तीन प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
एफडीए ने कांदिवली ईस्ट के महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर, घाटकोपर वेस्ट के त्रिभुवन डेयरी फार्म और घाटकोपर ईस्ट की महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस भी निलंबित किए हैं। इन प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के शेड्यूल-4 में तय स्वच्छता और साफ-सफाई के नियमों का उल्लंघन पाया गया।
मुंबई में 38 प्रतिष्ठानों की जांच
एफडीए के मुताबिक, 11 से 14 सितंबर के बीच चलाए गए विशेष त्योहार अभियान के दौरान मुंबई में 38 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान दूध, खोया, घी और मिठाइयों समेत खाद्य पदार्थों के 47 नमूने जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों ने अंधेरी ईस्ट स्थित आयुष मिल्क सप्लायर से बर्फी का नमूना लिया और 23 किलो बचा हुआ स्टॉक जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 6,440 रुपये बताई गई। मुलुंड वेस्ट स्थित बृजवासी मिठाइयां दुकान से खोया का नमूना लेकर 225 किलो स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 60,300 रुपये थी।
पूरे महाराष्ट्र में भी कार्रवाई तेज
एफडीए ने मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के कई जिलों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की है। कोल्हापुर, पुणे, जलगांव और ठाणे समेत कई जगहों पर खोया, पनीर, घी, दूध, पेड़ा, हलवा और अन्य उत्पादों की जांच की गई। राज्यभर की कार्रवाई में करीब 30 लीटर तरल दूध और 4,138.7 किलो दूध से बने उत्पाद व मिठाइयां जब्त की गईं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 15.58 लाख रुपये बताई गई है।
गुटखा समेत प्रतिबंधित उत्पादों पर भी शिकंजा
एफडीए ने प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ भी अभियान चलाया। जलना जिले के राजूर में पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में करीब 95.30 लाख रुपये का गुटखा और अन्य प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इनकी ढुलाई में इस्तेमाल वाहनों को भी जब्त किया गया, जिनकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। मुंबई में 12 सितंबर को चलाए गए विशेष अभियान में पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई। यहां से करीब 20.21 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, एक FIR दर्ज की गई और नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित सामान की ढुलाई में इस्तेमाल पांच वाहन भी जब्त किए गए।