मुंबई के पूर्वी उपनगरीय इलाके घाटकोपर में मंगलवार को बिल्डिंग गिरने से हुए भयानक हादसे में मृतकों की संख्या 17 पहुंच गई है। मृतकों में 3 माह की बच्ची भी शामिल है। वहीं, मलबे में 20 से अधिक लोगों के फंसे होने की संभावना है। हादसे में घायल एक दर्जन से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य अभी भी जारी हैं।
Ghatkopar building collapse UPDATE: Death toll rises to 17; rescue operations continue. #Mumbai
— ANI (@ANI_news) 26 July 2017
इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दे दिए हैं। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणनवीस ने कहा कि मैंने बीएमसी कमिश्नर को जांच के आदेश दे दिए हैं और साथ ही 15 दिनों के अंदर इस मुद्दे पर रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।
Offence registered, police is investigating. I have directed BMC commissioner to investigate and submit report within 15 days:Maharashtra CM pic.twitter.com/zm1QJeCxPT
— ANI (@ANI_news) July 25, 2017
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बीएमसी आयुक्त अजॉय मेहता से 15 दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वहीं, स्थानीय भाजपा विधायक व गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग होम में मरम्मत के चलते हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय बिल्डिंग गिरी उस समय नर्सिंग होम में 25 मजदूर काम कर रहे थे। नर्सिंग होम शिवसेना के एक पदाधिकारी का है। सूत्रों के मुताबिक नर्सिंग होम के एक बीम को नुकसान पहुंचाया गया जिसकी वजह से इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।
वहीं, बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का निर्माण साल 1981 में हुआ था लेकिन, उसके बाद इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया गया था। इमारत के तल मंजिल पर नर्सिंग होम था जहां मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया था। बीएमसी एन वार्ड की सहायक आयुक्त भाग्यश्री कापसे ने बताया कि नूतनीकरण के लिए बीएमसी की मंजूरी नहीं ली गई थी।